गाजीपुर। जिले के दो अलग- अलग थाना क्षेत्रों में बुधवार की रात सर्पदंश से दादी-पोते सहित तीन की मौत हो गई। परिजनों ने घटना की जानकारी पुलिस को दिए बगैर दादी और पोते का अंतिम संस्कार कर दिया।
खानपुर: अनौनी गांव निवासी दादी कलावती बासफोर (58) पोते चंदन बासफोर (7) के साथ घर में सोई थी। रात में सर्प ने दोनों डंस लिया, लेकिन उन्हें जानकारी नहीं हुई। सुबह जब दोनों की तबियत बिगड़ी और घर में सांप दिखाई दिया। परिजन उपचार कराने के बजाए दोनों को झाड़-फूंक के लिए अमवा की सती धाम लेकर जाने लगे। रास्ते में दादी और पोते की मौत हो गई। पुलिस को सूचना दिए बिना ही परिजनों ने दोनों का अंतिम संस्कार कर दिया।
दुल्लहपुर: जफरपुर गांव निवासी खुशबू (11) झोपड़ी में सो रही थी। बुधवार की रात करीब एक बजे सांप ने खुशबू को डंस लिया। बालिका ने घटना की जानकारी पिता को दी। इधर परिजन चिकित्सक के पास ले जाने के बजाए उसे नीम का पत्ता खिलाने लगे। बालिका को तीखा लगा। इसके बाद उन्होंने सोचा कि सांप ने नहीं डंसा है। करीब दो घंटे बाद बालिका की स्थिति बिगड़ जाने पर उसे अस्पताल लेकर जा रहे थे कि रास्ते में ही मौत हो गई। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
समय से पहुंचें अस्पताल, एंटीवेनम से ही बचेगी जान
गर्मी और बरसात के कारण सर्प दंश की घटनाएं बढ़ गई हैं। सांप के डसने पर अधिकतर लोग झांड़-फूंक के चक्कर में पड़कर जान गंवा दे रहे हैं। सांप के काटने पर मरीज को तत्काल अस्पताल लेकर पहुंचे। एंटीवेनम से ही जान बच सकती है। सीएमओ डा. देश दीपक पाल ने बताया कि सर्पदंश से पीड़ित व्यक्ति को तत्काल अस्पताल लेकर आए। जागरूकता के अभाव में लोग पीड़ित को अस्पताल ले जाने के बजाय झाड़फूंक कराने पहुंच जाते हैं, जिससे जान चली जाती है। सीएचसी- पीएचसी और मुख्यालय स्थित अस्पताल पर एंटीवेनम पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध है। तत्काल उपचार मिलने के बाद पीड़ित ठीक हो जाता है।
इन बातों का ध्यान रखें
घरों के आस-पास की जंगली घास समय-समय पर कटवाते रहें।
घर और दुकानों में कबाड़ को इकट्ठा न होने दें।
छोटे-छोटे गड्ढ़ों और दरारों को बंद करें।
खेत और पर्यटन स्थलों पर जाते समय सावधान रहें।
घर की नालियों के मुहाने पर जाली लगाएं।
सांप काटने के बाद ये करें
अंगौछे या सूती कपड़े से बांध दें।
सांप ने जिस स्थान पर काटा है उसे बीटाडिन या स्क्रब साल्यूशन से साफ करें।
शरीर में विष न फैल पाए, तत्काल अस्पताल में भर्ती कराएं।
खेत और पर्यटन स्थलों पर जाते समय सावधान रहें।
मरीज को तनाव न होने दें, उसे शांत रखने की कोशिश करें।0 पीड़ित व्यक्ति के शरीर से घड़ी, कंगन, अंगूठी, पायल, चेन आदि उतार दें।
पीड़ित को जगाकर रखें, उसे सोने न दें।