गाजीपुर। साहित्य चेतना समाज की ओर से चेतना प्रवाह कार्यक्रम के अंतर्गत शनिवार को प्रधानाचार्य प्रकाश चंद्र दूबे के सरैया स्थित आवास पर सरस काव्य गोष्ठी का आयोजन किया गया। इस मौके पर कवि मनोज कुमार मर्द को दर्द नहीं होता है बहुत सुना है हमने, मगर बिना दर्द के कोई मर्द हो नहीं सकता... पंक्तियों के जरिये कविता में पुरुष विमर्श को प्रतिष्ठित करते नजर आए। शायर गोपाल गौरव ने गजल आग ही आग होगी जिधर जाओगे, तुम चमन को जलाकर किधर जाओगे... सुनाकर खूब वाहवाही लूटी।
कार्यक्रम में आशुतोष श्रीवास्तव ने वो इंसान था या कागज का पुलिंदा, राशनकार्ड में मर गया आधार में था जिंदा... सुनाकर लोगों को सोचने पर मजबूर किया। नवगीतकार डाॅ. अक्षय पांडेय ने धूल-धुआं से भरे सफर में आई है अम्मा, पहली-पहली बार शहर में आई है अम्मा... की प्रस्तुति ने श्रोताओं को तालियां बजाने के लिए विवश किया। संस्था के संस्थापक अमरनाथ तिवारी, संजय पांडेय, हरिशंकर पांडेय, कन्हैया गुप्त, दिनेशचंद्र शर्मा, कुमार नागेश, कामेश्वर द्विवेदी ने भी रचनाएं सुनाई। मौके पर सुधीर पांडेय, सुनील सिंह, तेजप्रताप सिंह, रामानुज राय, प्रभात कुमार मिश्र, यशोवर्धन दूबे, अनंत कुमार दूबे आदि उपस्थित थे। काव्य गोष्ठी की अध्यक्षता बटुक नारायण मिश्र एवं संचालन डॉ. अक्षय पांडेय ने किया।