गहमर। चौधरी चरण सिंह पंप नहर से निकलने वाली जमानिया मुख्य नहर में पानी न छोड़ने के कारण गहमर, करहिया, पचौरी, केशोपुर, मनिया, बारा समेत दर्जनों गांवों के किसानों के समक्ष धान की खेती पर संकट खड़ा हो गया है।
किसानों का कहना है कि जुलाई का महीना धान की रोपाई के लिए सबसे उपयुक्त समय होता है। लेकिन, नहर में पानी न होने से खेत सूखे पड़े हैं। लगातार बारिश न होने से सिंचाई के वैकल्पिक साधन भी असफल हो रहे हैं। चौधरी चरण सिंह जमानिया मुख्य नहर गहमर में पूरी तरह सूख गई है। खेतों में दरारें पड़ने लगी हैं। किसानों को भारी नुकसान की आशंका सता रही है। गांव के किसान मुन्ना पांडेय, मुरली कुशवाहा, बृजेश उपाध्याय, सुनील सिंह, पल्टू सिंह, प्रदीप गुप्ता और सिंटू उपाध्याय ने बताया कि हर साल इसी समय नहर में पानी छोड़ा जाता है। लेकिन, इस बार अब तक कोई व्यवस्था नहीं की गई। उनका कहना है कि सिंचाई विभाग और प्रशासन की उदासीनता से किसानों की मेहनत पर पानी फिरता नजर आ रहा है। चौधरी चरण सिंह पंप नहर के एसडीओ जेएस कस्तुरे ने बताया कि रोस्टर के हिसाब से पानी छोड़ा जाता है। सेवराई तहसील के गहमर, बारा के किसानों को रोस्टर के अनुसार शनिवार, रविवार, सोमवार और मंगलवार को पानी दिया जाता है। शनिवार को कुछ तकनीकी कारणों से पानी नहीं चल पाया। रविवार से पानी चल रहा है। सोमवार को पहुंच जाएगा।