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मोक्षधाम के सफर में बाधाएं तमाम, दो वर्षों से लटका काम

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जिले में दो वर्ष बाद भी अब तक अंत्येष्टि स्थल का निर्माण पूर्ण नहीं हो सका है। जबकि वित्तीय वर्ष 2020-21 और 2021- 22 में 21 जगहों पर अंत्येष्टि स्थल का निर्माण कराने का लक्ष्य दिया गया था। यही नहीं इसमें चार गांव ऐसे है, जहां भूमि सहित अन्य विवादों की वजह से भेजी गई धनराशि वापस हो गई है। ऐसे में 18 जगहों पर वर्ष 2023 के मार्च माह में निर्माण कार्य पूर्ण करने का दावा किया जा रहा है। जबकि कार्य की गति धीमी होने से इन स्थानों पर भी निर्धारित समय में निर्माण कार्य पूरा होना असंभव ही दिख रहा है।
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शवों के दाह संस्कार के लिए दूर-दराज के ग्रामीण इलाकों के लोगों को जनपद मुख्यालय स्थित श्मशान स्थल आना पड़ता है। ऐसे में नगर पालिका और नगर पंचायतों के साथ-साथ ग्रामीण इलाकों में नदियों के किनारे अंत्येष्टि स्थल का निर्माण कराने को लेकर शासन की ओर से चयनित ग्राम पंचायतों को धनराशि उपलब्ध कराई गई थी। बावजूद अब तक निर्माण कार्य पूर्ण नहीं हो सका। वित्तीय वर्ष 2020- 21 और वित्तीय वर्ष 2021-22 में 21 स्थानों पर अंत्येष्टि स्थल निर्माण का लक्ष्य निर्धारित किया गया था। यहीं नहीं एक अंत्येष्टि स्थल निर्माण के 24 लाख 11 हजार 640 रुपये भी उपलब्ध करा दिया गया, लेकिन निर्माण कार्य अभी भी अधर में लटका हुआ है। यही नहीं बिरनो, रेवतीपुर और भांवरकोल ब्लाक के चार ग्राम पंचायतों में बनने वाले अंत्येष्टि स्थल पर ग्रहण लग चुका है। वजह वहां भूमि संबंधित विवाद अथवा किन्हीं कारणों से कार्य वहां अब तक काम शुरू नहीं हो सका और धनराशि भी वापस करा दी गई। जबकि प्रस्ताव भेजने से पूर्व भूमि को चिह्नित करने की रिपोर्ट के आधार पर धनराशि उपलब्ध कराई जाती है। इधर अब तक अंत्येष्टि स्थल पर निर्माण कार्य पूर्ण न होने की स्थिति में उन क्षेत्र के लोगों को शवों के अंतिम संस्कार के लिए गाजीपुर श्मशान घाट आना पड़ रहा है।
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अंत्येष्टि स्थल निर्माण के लिए ऐसे स्थान का चयन किया जाता है। जहां जलप्रवाह जैसे नदी अथवा सरोवर हो। कभी-कभी चिन्हित स्थलों को लेकर ग्रामीणों द्वारा आपत्ति जताने पर उसे वहां नहीं बनाया जाता है। इस कारण भी धनराशि वापस हुईं होंगी। जहां अंत्येष्टि स्थल का निर्माण हो रहा है, उसे समय से पूर्ण कराने का निर्देश जिला पंचायत राज अधिकारी को दिया गया है। - एमपी सिंह, जिलाधिकारी गाजीपुर
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इन स्थानों पर चल रहा निर्माण कार्य
गाजीपुर। बाराचंवर के सिऊरी, सेमऊर, मनिहारी हरधना, यूसुफपुर, मरदह रानीपुर, बिरनो के नेवादा, बघोल, तियरा, भदौरा के बारा, सादात के मुबारकपुर, फातिमपुर, दौलतनगर, सदर ब्लाक बवाड़ा, जखनिया के ओड़रिया, मुस्तफाबाद, धामूपुर, पदूमपुर रामराय में कार्य चल रहा है। जबकि इन स्थानों का चयन वित्तीय वर्ष 2020-21 और 2021-22 में अंत्येष्टि स्थल निर्माण के लिए हुआ था। स्थिति यह है कि इन स्थानों पर निर्माण कार्य के रफ्तार की गति धीमी बनी हुई है।
शौचालय सहित बैठने की होगी व्यवस्था
गाजीपुर। जिले के ग्रामीण इलाकों में बन रहे अंत्येष्टि स्थलों पर शवदाह के लिए टीनशेड लगे चबूतरा का निर्माण होगा। साथ ही शवदाह के लिए आए लोगों को बैठने की व्यवस्था होगी। वहीं शौचालय के अलावा कक्ष का भी निर्माण कराया जाएगा। इसके अलावा अंत्येष्टि स्थल पर पहुंचने के लिए इंटरलाकिंग सड़क और प्रकाश की बेहतर सुविधा होगी, जिससे किसी तरह की समस्या का सामना न करना पड़े।
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