गाजीपुर। परिषदीय विद्यालयों की एक दीवार अब सफल महिलाओं को समर्पित की जाएगी। इस दीवार पर रानी लक्ष्मीबाई से लेकर सावित्रीबाई फुले, कल्पना चावला और उड़नपरी पीटी ऊषा सरीखी महिलाओं के संघर्ष की गाथाएं अंकित की जाएगी। इससे गांव और कस्बों में रहने वाली लड़कियों को भी उनके जैसा बनने की प्रेरणा मिलेगी।
राज्य परियोजना निदेशक अनामिका सिंह ने इस बात के निर्देश जारी किए हैं कि स्कूल की एक दीवार पर महिलाओं के संघर्ष की कहानियों को पेंट किया जाएगा। मिशन शक्ति फेज-दो के तहत प्रदेश सरकार ने यह पहल की है। मिशन शक्ति के तहत कार्यक्रम की मुहिम में इस नई पहल को शामिल किया गया है। विभागीय अधिकारियों की मानें तो 30 जून तक विद्यालयों की एक दीवार को इस तरह बनाया जाएगा ताकि साहस, वीरता, स्वाभिमान, सेवा और त्याग आदि गुणों की शिक्षा विद्यालय में पढ़ने वाली बालिकाओं को मिल सके। दीवार पर विभिन्न क्षेत्रों में ख्याति प्राप्त महिलाओं की जीवन गाथा को प्रदर्शित करती हुए कहानियां, चित्र और स्लोगन आदि उकेरे जाएंगे। बेसिक शिक्षाधिकारी हेमंत राव ने बताया कि सभी खंड शिक्षाधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि विद्यालय खुलते ही इसका अनुपालन सुनिश्चित करें। निर्धारित तिथि तक कार्य पूरा करा लिया जाएगा। मौधा संवाददाता के अनुसार सैदपुर शिक्षा क्षेत्र में 174 विद्यालय संचालित हैं। इसमें 111 प्राथमिक, 22 उच्च प्राथमिक तथा 41 कंपोजिट विद्यालय हैं। इनमें 33 हजार बच्चे पढ़ते हैं। बीआरसी के एआरपी अरुण कुमार पांडेय ने बताया कि विभाग के इस प्रयास का फायदा विद्यालयों के अलावा अन्य किशोरियों को भी मिलेगा।