गाजीपुर। पीजी कॉलेज गाजीपुर में जल संरक्षण विषय पर संगोष्ठी का आयोजन किया गया। इसमें मुख्य वक्ता प्रख्यात पर्यावरणविद मैग्सेसे पुरस्कार से सम्मानित डॉ. राजेंद्र सिंह ने जल संरक्षण के लिए प्रकृति से सामंजस्य बनाए रखने की बात कही। उन्होंने कहा कि भारतीय पारंपरिक ज्ञान-विज्ञान को अपनाने का वक्त आ गया है। हमारे धार्मिक ग्रंथों में प्रकृति एवं संसाधनों के संरक्षण की वैज्ञानिक विधि बहुत ही समृद्ध रूप से उल्लिखित है।
उन्होंने धरती से वनस्पति एवं जल संचयन पर लोगों से कहा कि शैक्षणिक संस्थानों में तकनीकी ज्ञान के सहयोग से भी आधुनिक पर्यावरण से जुड़ी समस्याओं को खत्म करने की उम्मीद की जानी चाहिए। उन्होंने बताया कि आर्थिक विकास के लिए पर्यावरण संतुलन निहायत जरूरी है। डॉ. प्रमोद कुमार मिश्र ने विषय प्रवर्तन करते हुए बताया कि जल सर्वाधिक उपलब्ध प्राकृतिक संसाधनों में से एक है।
कॉलेज के प्राचार्य डॉ. समरबहादुर सिंह ने माल्यार्पण कर अंगवस्त्रम से मुख्य वक्ता का स्वागत किया। इस मौके पर ईश्वरचंद्र, काजी फरीद आलम, डॉ. श्रीकांत पांडेय एवं छात्र-छात्राएं मौजूद थे। अध्यक्षता संस्कृत विभाग के पूर्व विभागाध्यक्ष डॉ. राजनारायण सिंह ने की। संगोष्ठी के बाद जल पुरुष राजेंद्र सिंह ने पीजी कॉलेज के समक्ष स्थित पोखरे का अवलोकन किया।