तेज धूप और उमस भरी गर्मी में लोगों का जीना मुहाल हो गया है। एक सप्ताह से तापमान का क्रम बढ़ रहा है। हालत ये है कि सूरज की किरणें शरीर को झुलसा रही है। धूप और गर्म हवाओं के थपेड़े लोगों को घर में रहने के लिए विवश कर रही है। शनिवार को जिले के अधिकतम तापमान जहां 43 डिग्री सेल्सियस रहा, वहीं न्यूनतम 28 डिग्री सेल्सियस मापा गया है। ऐसे में धूप और लू से बिलबिला रहे लोग पेड़ की छांव और बचने के लिए बेल का शरबत, शिकंजी, आम के पना का सेवन कर गर्मी से निजात पाने का जहां प्रयास कर रहे हैं। वही लोग सुकून पाने के लिए बेताबी से बारिश का इंतजार कर रहे हैं।
सुबह आठ बजे के बाद से ही सूर्य की किरण लोगों को झुलसाने लग रही है। 10 बजते-बजते ही तेज धूप से लोग घरों में बंद हो जा रहे हैं। इधर बाइक सवार कुछ दूरी पर पहुंचकर पेड़ की छांव तलाशते नजर आ रहे हैं। जबकि बसों एवं ट्रेनों में सफर कर रहे यात्रियों के लिए तो ये और मुश्किल भरा है। सबसे अधिक दिक्कत बुजुर्गों, महिलाओं और बच्चों के लिए है। यह स्थिति बीते सोमवार से बनी रही हुई है, जहां 38 डिग्री सेल्सियस पर अधिकतम तापमान रहा है। वहीं मंगलवार को दो डिग्री सेल्सियस तापमान बढ़कर 40 डिग्री सेल्सियस पर पहुंच गया। वहीं बृहस्पतिवार को फिर पार दो डिग्री सेल्सियस चढ़ा और 42 डिग्री सेल्सियस पर पहुंच गया। इसके बाद तापमान में एक डिग्री सेल्सियस की वृद्धि हुई है। ऐसे में दोपहर के समय चिलचिलाती धूप ने लोगों को परेशान कर दिया। स्थिति यह है कि घर में लगे पंखे, कूलर और एसी भी लोगों को राहत नहीं दे पा रहे हैं। शाम सात बजे के बाद लोगों को हल्की राहत मिल रही है।
शीतलपेयों की दुकानों पर उमड़ रही भीड़
गर्मी की वजह से शहर में विभिन्न जगहों पर लस्सी, जूस, गन्ने का रस आदि शीतलपेयों की दुकानें पर लोगों की भीड़ बढ़ गई है। सुबह से तेज घूप के समय घरों के बाहर निकलने वाले लोगों की शीतलपेयों की दुकानों में भीड़ उमड़ रही है़। इसमें लस्सी, गन्ने, जूस और अन्य शीतलपेयों का समावेश है। लोग तेज धूप में झुलसने के बाद इनकी दुकानों के तरफ सीधा रूख कर रहे हैं, जिससे प्यास बुझायी जा सके।
जिला अस्पताल में बढ़ रहे है मरीज
तापमान में लगातार हो रही बढ़ोत्तरी से जहां एक तरफ लोग परेशान हैं। वहीं विभिन्न बीमारियों ने पांव पसारना शुरू कर दिया है। स्थिति यह है कि जिला अस्पताल में प्रतिदिन बुखार से पीड़ित 30 से 35 मरीज पहुंच रहे हैं। वहीं डायरिया से पीड़ित मरीजों की संख्या में दिन पर दिन इजाफा होता जा रहा है। आपातकालीन कक्ष में इन बीमारियों से पीड़ित मरीजों की संख्या रात में बढ़ जा रही है। ऐसे में चिकित्सक एहतियात बरतने की सलाह दे रहे हैं।