दिलदारनगर। क्षेत्र के उसिया गांव में पत्नी की हत्या कर खुद आत्महत्या कर जीवन समाप्त करने की घटना से मातमी सन्नाटा छा गया। घटना में गंभीर रूप से घायल मां रीना देवी की उपचार के दौरान जिला अस्पताल में मौत हो जा जाने एवं पिता द्वारा आत्महत्या कर लेने की घटना की जानकारी पुत्रियों को पहले नहीं थी। वह यह जान रही थी कि मां का अस्पताल में इलाज चल रहा है और पिता घटना के बाद घर से भाग गए हैं। जैसे ही उन्हें पता चला बच्चे रोने-बिलखने लगे। देर शाम पोस्टमार्टम के बाद पुलिस ने पति-पत्नी का शव परिजनों को सौंप दिया। परिवार के सदस्यों ने दोनों का अंतिम संस्कार कर दिया।
बड़ी पुत्री नेहा ने बताया कि पिता चर्म रोग से पीड़ित होने के कारण चिड़चिड़े हो गए थे और अवसाद में रहते थे। रात में हम लोग खाना खाकर पिता एवं मां संग छत पर सो रहे थे। अचानक भोर में मां रीना चीखने-चिल्लाने लगी तो हम लोग उठे और मां को छुड़ाने लगे, लेकिन पिता धारदार हथियार से हम लोगों के ऊपर वार कर भाग निकले। पिता ने ऐसा क्यों किया यह समझ में नहीं आ रहा है। कभी-कभार जब हम लोगों को पिता मार देते थे तो खुद रोने लगते थे। ग्रामीण भी घटना से मर्माहत थे। लोगों की समझ में ही नहीं आ रहा था कि मुंशी यादव ने ऐसा कदम क्यों उठाया।