गैंगस्टर एक्ट के तहत मुख्तार अंसारी की नौ करोड़ 44 लाख रुपये की संपत्ति दिसंबर 2021 में कुर्क हुई थी। इसकी संस्तुति के लिए जिला जज की अदालत में प्रकीर्ण फौजदारी वाद प्रस्तुत किया गया था।
इसमें मुख्तार सहित उनके परिवार के सदस्यों को (जिनकी नाम से संपत्ति खरीदी गई थी) न्यायालय ने नोटिस भेजा था। सुनवाई के बाद मंगलवार को एमपी/एमएलए कोर्ट शक्ति सिंह की अदालत ने जिलाधिकारी के छह दिसंबर 2021 के आदेश को बरकरार रखा है।
मुहम्मदाबाद कोतवाली के तत्कालीन प्रभारी निरीक्षक ने 26 नवंबर 2021 को तत्कालीन एसपी के सामने आख्या प्रस्तुत करते हुए बताया था कि मुख्तार अंसारी ने एक गिरोह बनाकर लोक व्यवस्था को अस्त-व्यस्त करने और अपने गैंग के सदस्यों के लिए आर्थिक और भौतिक लाभ लेने के आपराधिक कार्यों से अचल बेनामी संपत्ति अर्जित की है।
तत्कालीन एसपी ने चार दिसंबर 2021 को संस्तुति दी थी। रिपोर्ट में उन्होंने बताया कि पूर्व में न तो मुख्तार के पास इतनी पैतृक संपत्ति थी, न ही आय का कोई स्रोत था। तत्कालीन डीएम ने गैंगस्टर एक्ट के तहत नौ करोड़ 44 लाख रुपये की संपत्ति कुर्क करने का आदेश दिया था। इसकी संस्तुति के लिए प्रकीर्ण वाद सत्र न्यायाधीश की अदालत में दाखिल किया गया था।
यह स्थानांतरित होकर एमपी/एमएलए कोर्ट शक्ति सिंह अदालत में विचाराधीन था। इसमें उक्त आदेश न्यायालय ने पारित किया है।