गाजीपुर। प्रशासन नदियों और तालाबों के संरक्षण के प्रयास कर रहा है। गर्मी से पहले जनपद के 248 तालाबों में पानी भरवाया जाएगा। साथ ही नदियों का प्राकृतिक जल प्रवाह बरकरार करने का प्रयास किया जा रहा है। दावा है कि 2022-23 में बेसो, मगई आदि नदियों का चैनल दुरुस्त करके उनमें जल प्रवाह की स्थिति बना दी जाएगी।
लगातार घटते जलस्तर, नदियों और तालाबों के सूखते जाने ने चिंता बढ़ा दी है। स्थानीय बरसाती नदियां में गर्मी शुरू होते ही सूख जाती हैं। अब तालाबों और नदियों की चिंता की जाने लगी है। मनरेगा की सहायता से 2021-22 में 16 ब्लॉक के 248 तालाबों में पानी भरवाया गया है। इनकी गहराई बढ़ाई गई और सफाई की गई ताकि इनमें पानी रुक सके। अगले वित्तीय वर्ष में (2022-23) में कुछ और तालाबों के जीर्णोद्धार की योजना बनाई है, जिसे शासन की मंजूरी के लिए भेजा जा चुका है। इस बार 385 तालाबों का जीर्णोद्धार कराने का लक्ष्य है। साथ ही मगई, बेसो सरीखी छोटी नदियों पर बंधा बनाया जाना है ताकि उनमें बरसात के पानी को रोका जा सके। बंधा के साथ-साथ इन नदियों का चौड़ीकरण किया जाएगा। सिल्ट की सफाई कराई जाएगी और इनके किनारे पौधे लगाए जाएंगे। जिले में पहली बार छोटी नदियों के प्राकृतिक प्रवाह को बरकरार रखने के लिए प्रयास किए जा रहे हैं। विभाग की ओर से इन सभी कामों के लिए 184 करोड़ 62 लाख रुपये का अनुमोदन शासन को भेजा गया है। अप्रैल के पहले हफ्ते तक इसकी स्वीकृति मिलने की उम्मीद जताई जा रही है। इस धनराशि पर मुहर लगते ही अप्रैल में मनरेगा अपना काम शुरू कराएगा। जो बारिश से पहले तक यानी जून तक चलेगा। इस संबंध में डीसी मनरेगा जी के चौधरी ने कहा कि गर्मी को देखते हुए कार्य योजना तैयार है। विधानसभा चुनाव के कारण काम की रफ्तार धीमी थी जो अब गति पकड़ लेगी।