गाजीपुर। जनपद में रविवार को गलन ने भी दस्तक दे दी है। दो दिनों में न्यूनतम तापमान में दो डिग्री की गिरावट आने और बर्फीली हवाओं के चलने से कड़ाके की ठंड पड़ रही है। इससे लोगों को ठिठुरन महसूस हो रही है। शीतलहर व कोहरे के कारण पूरा जनजीवन बेहाल है। अधिकतम तापमान 18 व न्यूनतम नौ डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। तीसरे दिन आधे घंटे तक हल्की धूप तो हुई लेकिन लोगों को राहत नहीं मिली।
दो दिनों तक जनपद में धूप नहीं हुई। 21 दिसंबर को दोपहर 2 बजे भगवान सूर्य आसमान में नजर आए। हल्की रोशनी हुई। सूर्य का यह धूप लोगों को गर्माहट देने में नाकाम साबित हुआ। आधे घंटे बाद भगवान भाष्कर फिर से आसमान में छिप गए। हल्की धूप के कारण गलन का अहसास हुआ। हाथ-पैर में ठंड का एहसास होने से लोगों को बाइक चलाने में परेशानियों का सामना करना पड़ा। वहीं सुबह-शाम कोहरे का प्रकोप जारी है। कोहरे के कारण सड़कों पर वाहन रेंग रहे हैं। चालक फाग लाइट जलाकर वाहनों को चला रहे हैं। अधिकतम व न्यूनतम तापमान में नौ डिग्री सेल्सियस का अंतर है।
ठंड से बढ़े हृदय रोग के मरीज, रोज ब्रेन हैमरेज के 3-4 केस आ रहे
गाजीपुर। गलन व शीतलहर के कारण मेडिकल कॉलेज अस्पताल में हृदय रोगियों की संख्या बढ़ गई है। ओपीडी में प्रतिदिन 30 से 35 हृदय रोगी मरीज पहुंच रहे हैं। वहीं प्रतिदिन पांच से सात मरीज भर्ती हो रहे हैं। हृदय रोगियों के अलावा रक्तचाप, सर्दी, खांसी, बुखार, सिर दर्द के मरीज भी बढ़ गए हैं। ब्रेन हैमरेज के तीन से चार मरीज प्रतिदिन पहुंच रहे हैं। मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य प्रो. आनंद मिश्रा ने बताया कि ठंड में स्वास्थ्य को लेकर सतर्कता बरतने की जरूरत है। ऐसे में चिकित्सकों ने बुजुर्ग और हृदयरोग से पीड़ित मरीजों को विशेष ख्याल रखने की सलाह दी है। डा. स्वतंत्र सिंह ने बताया कि ठंड और कोहरे के साथ- साथ लगातार गिर रहे तापमान को देखते हुए विशेष सतर्कता बरतने की आवश्यकता है। इन दिनों हृदयरोग के मरीजों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है। ऐसे में जरूरी कार्य के लिए ही घर से निकले। यहीं नहीं बाहर निकलने के दौरान ऊनी कपड़ों के अलावा अन्य एहतियात जरूर बरतें।
कागज पर 44 स्थानों पर चल रहा अलाव, हकीकत में तपन नहीं-गाजीपुर। नगर पालिका परिषद की ओर से नगर क्षेत्र के 44 जगहों पर अलाव जलाने का दावा किया जा रहा है। जबकि हकीकत कुछ अलग ही है। शहर के अष्टभुजी कॉलोनी निवासी सोनू ने बताया कि सार्वजनिक स्थानों पर अलाव की कोई व्यवस्था नहीं है। विवेक सिंह शम्मी ने बताया कि मिश्र बाजार में प्रतिदिन 500 से 600 लोग बाजार करने आते हैं, बावजूद यहां अलाव नहीं जलता है। यहीं स्थिति महुआबाग और विशेश्वरगंज की भी। ऐसे में सिर्फ कहने को अलाव जलाए जा रहे हैं, जबकि हकीकत इससे परे हैं। स्थिति यह सिटी रेलवे स्टेशन पर टोटो चालक पैसे से लकड़ी खरीदकर अलाव तापते नजर आ रहे हैं। उधर, नगर पालिका परिषद का दावा है कि प्रशासन की ओर से अलाव जलाने का समय निर्धारित किया गया है। तीन दिनों से पड़ रही हाड़कंपाऊ ठंड से लोग परेशान हैं। ईओ डीके राय ने बताया कि शाम पांच बजे से लेकर रात दस बजे तक लकड़ी गिराई जाती है। गोराबाजार निवासी मोहम्मद आसिफ ने बताया कि ठंड से पूरे दिन लोग परेशान है और नगर पालिका परिषद की ओर से रात तक लकड़ी गिराने और शाम छह बजे से अलाव जलाने का नियम पूरी तरह बेतुका है।
वाईफाई से लैस है अस्थायी रैन बसेरा -गाजीपुर। सिटी रेलवे स्टेशन परिसर में 32 बेड का अस्थायी रैन बसेरा बनाया गया है जो वाईफाई से लैस है। निगरानी के लिए सीसीकैमरा लगा है। हीटर भी लगाया गया है। शुद्ध पेयजल की भी पूरी व्यवस्था है। यात्रियों को ओढ़ने के लिए रजाई और फोल्डिंग प्लाई की व्यवस्था की गई है। इससे रैन बसरे में रुकने वाले लोगों को किसी तरह की दिक्कत का सामना न करना पड़ेगा।