दिलदारनगर पंचायत भवन के पास निर्मित शौचालय बनने के बाद से ही बंद पड़ा है। जिससे स्थानीय लोगों का इसका लाभ नहीं मिल पा रहा है। पिछले कई सालों से शौचालय बंद होने से इसका टाइल्स और प्लास्टर भी टूटकर गिरने लगा है। ऐसे में लाखों रुपये की लागत से बना शौचालय बेमतलब साबित हो रहा है।
वार्ड नंबर 7 के नीरज गुप्ता, वार्ड नंबर 2 के सत्येंद्र उपाध्याय और आलोक गुप्ता ने बताया कि शौचालय बनने के बाद से ही बंद है। जिसकी वजह से लोगों को काफी परेशानी हो रही है। आस-पास शौचालय नहीं होने से लोगों को खेतों में या सड़क किनारे शौच के लिए जाना पड़ता है। वहीं नगर पंचायत दिलदारनगर की स्थिति यह है कि यहां चार सामुदायिक शौचालय निर्मित है। जिसमें से दो सामुदायिक शौचालय में हमेशा ताला लटका रहता है। बाकी दो सामुदायिक शौचालयों का संचालन होता है जिसमें से माई जी कुटिया के पीछे बने आठ सीट के सामुदायिक शौचालय में तीन सीट ही चालू है बाकी खराब है। इसमें लगा टाईल्स भी टूट गया है। ऐसे ही रामलीला मैदान के पीछे बने सामुदायिक शौचालय में ताला बंद है। इसका ताला कब खुलेगा। किसी को कोई जानकारी नहीं है। इस प्रकार नगर के अधिकांश शौचालय शोपीस बनकर रह गए हैं।