गाजीपुर। लखीमपुर खीरी की घटना के विरोध में भारतीय कम्युुनिस्ट पार्टी के राष्ट्रीय परिषद के 11 अक्तूबर तक अभियान चलाने के निर्देश के तहत बृहस्पतिवार को कार्यकर्ताओं ने सरजू पांडेय पार्क में धरना दिया। इस मौके पर वक्ताओं ने कहा कि आजाद देश में इस तरह की घटना तानाशाही का क्रूरतम परिणाम है। सांविधानिक मूल्यों, लोकतांत्रिक अधिकारों, असहमति व्यक्त करने की छूट को यह सरकार खत्म करने पर उतारू है।
कहा कि कल्याणकारी राज्य की अवधारणा पर काम करके बेरोजगारी दूर की जा सकती है, लेकिन वर्तमान सरकार यह नहीं करना चाहती है। कारपोरेट औद्योगिक घरानों को पूरा देश ही सौंपने के प्रति प्रतिबद्ध है। लोकतांत्रिक देश में सरकार की गलत नीतियों का विरोध आम बात है, लेकिन किसान आंदोलन की जायज मांगों की अनदेखी की जा रही है। आंदोलन को कुचलने का काम किया जा रहा है। कहा कि कृषि कानूनों के जरिए खेती-किसानी को भी कारपोरेट के हाथों में सौंपने की तैयारी है। कहा कि केंद्रीय गृह राज्यमंत्री को बर्खास्त कर उनके बेटे को तत्काल गिरफ्तार किया जाए। पीड़ित परिवार से मिलने वाले नेताओं, सामाजिक कार्यकर्ताओं को कतई न रोका जाए। न किसी पर मुकदमा दर्ज किया जाए। किसानों पर दर्ज गलत मुकदमे वापस किए जाएं। धरना सभा में जिला सचिव अमेरिका सिंह यादव, सह सचिव जनार्दन राम, रामअवध, डॉ. रामबदन सिंह, राम शुक्ला, फूलमैन, डॉ. शिवमूरत बिंद, रामलाल, अवधेश, घूरा यादव, बच्चेलाल, योगेंद्र भारती, कमलेश, बेचू कश्यप आदि ने विचार व्यक्त किए। अध्यक्षता शिवमूरत बिंद एवं संचालन ईश्वरलाल गुप्ता ने किया।