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Ghazipur News: महीनों से टूटी बंदूक, सूख चुकी गले की माला, सैनिक की प्रतिमा भी क्षतिग्रस्त

Mon, 11 Aug 2025 04:26 PM IST
वाराणसी ब्यूरो अमर उजाला नेटवर्क, गाजीपुर।

सार

छह महीने से डाल्फिन की आकृति गायब है। उसे नगर पालिका के जलकल विभाग के परिसर में रख दिया गया है। फव्वारा चलता ही नहीं है। साफ- सफाई न होने से टाइल्स भी जगह- जगह से गंदी हो गई है। 
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शहर के सैनिक चौराहा पर लगी सैनिक की प्रतिमा पर चढ़ी सूखी माला, जमी धूल व टूटी बंदूक।    - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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देखरेख के अभाव में गाजीपुर शहर के विभिन्न चौराहे बदहाल हो गए हैं। साफ-सफाई तो दूर फव्वारे भी संचालित नहीं हो रहे हैं। सैनिक की प्रतिमा क्षतिग्रस्त हो चुकी है। महापुरुषों की प्रतिमा धूल से पटी हैं और तो कहीं झाड़ियां उगी हैं। इसके बावजूद जिम्मेदारों की तंद्रा टूटने का नाम नहीं ले रही है।वाराणसी की ओर से शहर में प्रवेश करते समय भुतहियाटांड के पास सड़क के बीचोबीच सैनिक चौराहा बना गया है। 
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इससे देखकर लोग समझ जाते हैं कि शहीदों की धरती गाजीपुर में उनका प्रवेश हो चुका है। चौराहे में सैनिक की प्रतिमा लगी है, लेकिन बंदूक टूटी है। गले में पड़ी माला भी सूख चुकी है। नक्काशीदार लाल पत्थर लगे थे। पत्थरों के ही छोटे- छोटे तोप बने थे। ये सब क्षतिग्रस्त होने पर सैनिक की प्रतिमा बनाने के साथ चौराहे की दीवार पर टाइल्स लगाई गई। साफ- सफाई न होने से य ये भी धूल से सन गई है।

गायब हुई डाल्फिन, रात में रहता है अंधेरा-वाराणसी से लंका होते हुए रौजा जाने वाले मुख्य मार्ग स्थित विशेश्वरगंज के पास बना चौराहे में डाल्फिन की आकृतियां लगाई गईं थीं। कुछ दिनों तक तो डाल्फिन वाला फव्वारा लोगों का मन मोह लेता था। छह महीने से डाल्फिन की आकृति गायब है। उसे नगर पालिका के जलकल विभाग के परिसर में रख दिया गया है। फव्वारा चलता ही नहीं है। साफ- सफाई न होने से टाइल्स भी जगह- जगह से गंदी हो गई है। रात में जलने वाली रंगबिरंगी लाइट भी बंद हो गई है। जबकि यह चौराहा कभी शहर के सुंदरता में चारचांद लगाने का काम करता था।
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महुआबाग और विकास भवन चौराहे का फव्वारा खराब-शहर के मुख्य चौराहे में शामिल महुआबाग चौराहे से प्रतिदिन एक हजार से अधिक लोगों का आवागमन होता है। यहीं नहीं प्रमुख बाजार होने के चलते दुकानें भी स्थिति है। ऐसे में इस चौराहे का फव्वारा एक वर्ष से बंद है। आस-पास खजूर के बने प्लास्टिक के पेड़ और उस पर लगी लाइटिंग शायद ही कभी जलती हैं। यही स्थिति विकास भवन चौराहे का भी है। यहां का फव्वारा भी बंद है। पानी में काई जमी है। सिंचाई विभाग के चौराहे भी जगह- जगह से क्षतिग्रस्त हो गए हैं।

धूल से पटी महापुरुषों की प्रतिमा, गेट भी क्षतिग्रस्त-शहर के शास्त्रीनगर तिराहा पर लाल बहादुर शास्त्री की प्रतिमा स्थापित है। स्थिति यह है कि धूल तो छोड़िए प्रतिमा स्थल तक जाने वाला गेट टूटा है। सफाई नहीं होने से झाड़ियां उग आईं हैं। पीरनगर स्थित डा. राजेंद्र प्रसाद की स्थापित प्रतिमा के आस-पास धूल जमी है। मिश्रबाजार चौराहे स्थित पंडित दीनदयाल उपाध्याय की प्रतिमा स्थल की रेलिंग क्षतिग्रस्त है।

आने वाले समय में त्योहार पड़ रहे हैं। ऐसे में आगामी त्योहारों में बेहतर व्यवस्था करना प्राथमिकता में शामिल है। नगर पालिका के पास बजट की कमी है। इसके बावजूद चौराहों के फव्वारों को शुरू कराने, मरम्मत और सुंदरीकरण के लिए एस्टीमेट तैयार करवाया जाएगा।- धीरेंद्र कुमार राय, ईओ नगर पालिका 
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