महुआबाग और विकास भवन चौराहे का फव्वारा खराब-शहर के मुख्य चौराहे में शामिल महुआबाग चौराहे से प्रतिदिन एक हजार से अधिक लोगों का आवागमन होता है। यहीं नहीं प्रमुख बाजार होने के चलते दुकानें भी स्थिति है। ऐसे में इस चौराहे का फव्वारा एक वर्ष से बंद है। आस-पास खजूर के बने प्लास्टिक के पेड़ और उस पर लगी लाइटिंग शायद ही कभी जलती हैं। यही स्थिति विकास भवन चौराहे का भी है। यहां का फव्वारा भी बंद है। पानी में काई जमी है। सिंचाई विभाग के चौराहे भी जगह- जगह से क्षतिग्रस्त हो गए हैं।
धूल से पटी महापुरुषों की प्रतिमा, गेट भी क्षतिग्रस्त-शहर के शास्त्रीनगर तिराहा पर लाल बहादुर शास्त्री की प्रतिमा स्थापित है। स्थिति यह है कि धूल तो छोड़िए प्रतिमा स्थल तक जाने वाला गेट टूटा है। सफाई नहीं होने से झाड़ियां उग आईं हैं। पीरनगर स्थित डा. राजेंद्र प्रसाद की स्थापित प्रतिमा के आस-पास धूल जमी है। मिश्रबाजार चौराहे स्थित पंडित दीनदयाल उपाध्याय की प्रतिमा स्थल की रेलिंग क्षतिग्रस्त है।
आने वाले समय में त्योहार पड़ रहे हैं। ऐसे में आगामी त्योहारों में बेहतर व्यवस्था करना प्राथमिकता में शामिल है। नगर पालिका के पास बजट की कमी है। इसके बावजूद चौराहों के फव्वारों को शुरू कराने, मरम्मत और सुंदरीकरण के लिए एस्टीमेट तैयार करवाया जाएगा।- धीरेंद्र कुमार राय, ईओ नगर पालिका