गाजीपुर। अपनी विभिन्न मांगों को लेकर उत्तर प्रदेश शिक्षक महासंघ की ओर से मंगलवार को विकास भवन पर धरना दिया गया। धरना समाप्त होने के बाद संगठन के प्रतिनिधि मंडल की ओर से मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन एसडीएम सदर को सौंपा गया।
अध्यक्षता कर रहे जिलाध्यक्ष सुरेंद्र कुमार सिंह ने कहा कि सरकार की नीतियां शिक्षकों के खिलाफ है। वह हर ओर से शिक्षकों का शोषण करने पर उतारू है। उसकी यह मंशा पूरी नहीं होने दी जाएगी। कहा कि हमारी अधिकतर मांगें तो सरकार का दायित्व है। जब तक मांगें पूरी नहीं होगी तब तक यह आंदोलन चलता रहेगा।
उन्होंने कहा कि हमारी मांगें मूलभूत आवश्यकताएं हैं, जिसे सरकार को पूरा करना चाहिए। शिक्षक हितों से हम कभी समझौता नहीं कर सकते। संयोजक श्रीनारायण उपाध्याय ने कहा कि जो भी सरकार से टकराने की गलती करता है, उसे सत्ता से हाथ धोना पड़ता है। पूर्व जिलाध्यक्ष विनोद कुमार सिंह ने शिक्षकों से एकजुट होने का आह्वान किया।
इस मौके पर तुंगनाथ पांडेय, सौरभ पांडेय, शिवकुमार सिंह, आनंद प्रकाश यादव, भगवती तिवारी, पवन गुप्ता, श्याम बिहारी, रामहित यादव, अरूण पांडेय, धर्मराज कुशवाहा, रामजन्म यादव, दिनेश, संजय पांडेय, डा. दीनानाथ, इंद्रासन यादव, बालाजी राय, दुर्गेश सिंह, वीरेंद्र यादव, रमाकांत, अनंत सिंह समेत बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे। संचालन इसरार अहमद सिद्दीकी ने किया।
विद्यालयों में बाधित रहा पठन पाठन
गाजीपुर। शिक्षकों के आंदोलन के चलते मंगलवार को अधिकतर स्कूलों में पठन- पाठन का काम काज बाधित रहा। इस आंदोलन के लिए जिले भर के शिक्षक सामूहिक अवकाश पर रहे। विकास भवन पर बड़ी संख्या में शिक्षक पहुंचे जिससे चौराहे पर जाम की स्थिति बन गई।