फ्रीजर में रखे बेटे के शव को देखते शिवजी वर्मा। संवाद
गाजीपुर। सनबीम स्कूल में बेटे आदित्य वर्मा पर हमले की खबर मिलते ही पिता भागते हुए अस्पताल पहुंचे। बेटे को निगाहें ढूंढ रही थीं कि लाल कैैसा होगा...जैसे ही बेटे की मौत की खबर मिली वे बेसुध हो गए। माॅर्च्यूरी के फ्रीजर में उन्हें बेटे का शव दिखाया गया तो उनकी आंखों से आंसू नहीं निकल रहे थे, वह शव एकटक निहारते रहे, फिर बेटे का सिर सहलाने लगे। मृत बेटे को इस तरह दुलारते देख वहां मौजूद हर किसी की आंखें भर आईं थीं।शिवजी अस्पताल पहुंचे तो कहने लगे कि सनबीम स्कूल में मेरा बेटा पढ़ता है। वहां से उन्हें फोन आया है कि उनका बेटा घायल है। वह कहां है। शिवजी के साथ शहर के ही निवासी उमाशंकर वर्मा और कुछ लोग भी थे, जो बार-बार एक ही सवाल कर रहे थे, आदित्य कहां है। वे पुलिसकर्मियों के पास पहुंचे, फिर इमरजेंसी कक्ष में गए। वहां सनबीम स्कूल की एक महिला अध्यापक थी, उन्होंने आदित्य के बारे में पूछा तो वह भावुक होकर वहां से चली गईं। यहां उन्हें बेटे के मौत की खबर मिली। इसके बाद वह शव दिखाने की मांग करने लगे और देरी होने पर स्कूल प्रशासन पर मामले को दबाने और छिपाने का आरोप लगाते रहे।इस दौरान शिवजी एकदम शांत रहे। वह कुछ भी समझ नहीं पा रहे थे। उनकी आंखों से तो आंसू तक नहीं निकल रहे थे। वह एक ही रट लगाए हुए थे शव दिखना है। काफी देर बाद शव दिखाया गया तो वह रोने की बजाय अपने मृत बेटे के सिर पर हाथ फेरकर दुलारते नजर आए। यह देख हर किसी की आंखें नम हो गईं। यही स्थिति उनकी कोतवाली से लेकर पोस्टमार्टम हाउस तक रही। उधर, बेटे के पढ़ने के लिए भेजने के पहले खाना बनाने वाली मां गुड़िया भी घटना से दोपहर बाद तक बेखबर रहीं। मौत की खबर जैसे ही मिली वे बदहवास हो गईं। घटना की जानकारी होने पर रेवतीपुर स्थित ननिहाल में भी कोहराम मच गया, जो जहां से इस घटना की जानकारी पाया वह भागता हुआ पहुंचा। शाम को दो डॉक्टरों के पैनल ने आदित्य के शव का पोस्टमार्टम किया।
25 किमी दूर पढ़ने आता था आदित्य-गाजीपुर। आदित्य वर्मा दो भाइयों में सबसे छोटा था। पिता शिवजी के मुताबिक दोनों बेटे पढ़ने में अच्छे थे। बड़ा बेटा दूसरे कान्वेंट विद्यालय में 12वीं का छात्र है। आदित्य दो साल से सनबीम स्कूल महराजगंज में पढ़ रहा था। वह रोजाना घर से 25 किमी दूर स्कूल बस से आता-जाता था। रोजाना की भांति आज भी स्कूूल गया था।
खुद अस्पताल पहुंचा घायल अभिनव-गाजीपुर घाट निवासी कृष्णानंद तिवारी का बेटा अभिनव तिवारी (15) भी घायल हुआ है। वह कक्षा 10 का छात्र है। अस्पताल पहुंचने पर उसने बताया कि बीचबचाव करते समय उसके पेट में चाकू लग गया था। वह बिना किसी को बताए इलाज के लिए खुद अस्पताल पहुंच गया। उसका इलाज चल रहा है और स्थिति सामान्य है।
घटना से स्कूल प्रशासन के हाथ-पांव फूले-गाजीपुर। घटना के बाद स्कूल प्रशासन के हाथ-पांव फूल गए थे। आनन-फानन में स्कूल में छुट्टी कर दी गई। इसका मेसेज भी स्कूल के ग्रुप में भेज दिया गया, जिसके बाद अभिभावकों में हड़कंप मच गया। वह अपने बच्चों को लेकर चिंतित रहे और कई तो स्कूल पहुंच गए। हालांकि स्कूल प्रशासन से मिली सूचना के बाद मौके पर पुलिस पहुंची और मौजूद कुछ छात्रों और शिक्षकों का बयान दर्ज किया। इसके अलावा सीसीटीवी कैमरे भी खंगाला। जहां से अहम सुराग मिला है। संवाद
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