गाजीपुर। परिषदीय विद्यालयों में विद्यार्थियों की उपस्थिति और मौजूदगी पर नजर रखने के लिए बेसिक शिक्षा विभाग चाइल्ड ट्रैकिंग सिस्टम लागू करने जा रहा है। प्रदेश के दस जिलों में इस योजना को पायलट प्रोजेक्ट के रूप में शुरू करने जा रहा है, जिसमें गाजीपुर भी शामिल है। बेसिक शिक्षाधिकारी को इसके लिए वाट्सएप ग्रुप के जरिए आनलाइन ट्रेनिंग दी जाएगी।
जिले में 2269 परिषदीय विद्यालय संचालित हैं। इनमें 1468 प्राथमिक, 352 उच्च प्राथमिक एवं 449 कंपोजिट विद्यालय हैं। इन विद्यालयों में करीब तीन लाख 10 हजार छात्र-छात्राएं अध्ययनरत हैं। अधिकांश स्कूलों में बच्चे नदारद रहते हैं या विद्यालय में उपस्थिति दर्ज कराने के बाद घर चले जाते हैं। छात्रों की उपस्थिति एवं विद्यालयों में मौजूदगी सुनिश्चित करने के लिए चाइल्ड ट्रैकिंग सिस्टम की व्यवस्था लागू की जा रही है। इसके लिए प्रदेश के दस जिलों का चयन किया गया है। इसमें गाजीपुर, वाराणसी, बांदा, लखीमपुर, मुरादाबाद आदि जिलों का पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर चयन किया गया है। इस नई व्यवस्था से बेसिक स्कूलों के छात्रों की स्थिति के बारे में विभाग पूरी जानकारी सीधे अपने स्तर से जुटा सकेगा। नई व्यवस्था को अमल में लाने के लिए गठित कमेटी ने प्रयास शुरू कर दिया है। पहले बेसिक शिक्षाधिकारी और उसके बाद शिक्षकों की ट्रेनिंग होगी।
यह नई व्यवस्था अगले सत्र से अमल में लाई जाएगी। इसके लिए निदेशालय के निर्देश पर प्रदेश के सभी बेसिक शिक्षा अधिकारियों का व्हाट्सऐप ग्रुप बनाया गया है। इसके माध्यम से आनलाइन ट्रेनिंग दी जाएगी। उसके बाद संबंधित शिक्षकों की ट्रेनिंग होगी। इस नई व्यवस्था से स्कूलों में उपस्थिति में सुधार आएगा- हेमंत राव, जिला बेसिक शिक्षाधिकारी