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उसरी चट्टी कांड में फिर नहीं हो सकी गवाही

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अपर सत्र न्यायाधीश प्रथम/एमपी/एमएलए कोर्ट रामसुध सिंह की अदालत में 21 वर्ष पुराने बहुचर्चित उसरी चट्टी हत्या कांड में मंगलवार को भी अधिवक्ताओं के हड़ताल के कारण अभियोजन की तरफ से गवाही नहीं हो सकी। कोर्ट ने अगली तारीख 19 जुलाई नियत की है।
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बताते चले कि 15 जुलाई 2001 को मुख्तार अंसारी अपने निर्वाचन क्षेत्र मऊ जा रहे थे। इसी दौरान करीब 12.30 बजे उसरी चट्टी पर उनके काफिले पर पहले से तैयार हमलावरों ने स्वचलित हथियारों से फायरिंग शुरू कर दिया। इसमें मुख्तार अंसारी के गनर की मौके पर ही मौत हो गई थी। हमलावरों में से भी एक की मौत हो गई। मुख्तार अंसारी के साथ चलने वाले हमराहियों को भी चोट आई थीं। मामले में मुख्तार अंसारी ने बृजेश सिंह और त्रिभुवन सिंह को नामजद करते 15 अज्ञात के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कराया था। विवेचना उपरांत पुलिस ने चार लोगों के खिलाफ आरोप पत्र प्रेषित किया। इसमें से दो आरोपितों की विचारण के दौरान मौत हो गई। संवाद
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