जिला शिक्षक कर्मचारी समन्वय समिति की अगुवाई में सोमवार को विभिन्न संगठनों से ज़ड़े शिक्षकों ने प्राथमिक शिक्षामित्र संघ के जिलाध्यक्ष मुनेंद्र राजभर हत्याकांड के आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर विकास भवन से जिला मुख्यालय तक बाइक जुलूस निकाला।
जुलूस में शामिल शिक्षकों में जबरदस्त आक्रोश था। उनका कहना था कि शिक्षक नेता हत्याकांड में अभी तक आरोपी पकड़े नहीं जा सके हैं।शिक्षक नेता हत्याकांड के आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए जिले भर के शिक्षक घटना के बाद से ही आंदोलित हैं। पिछले दिनों उनकी ओर से विकास भवन में धरना प्रदर्शन किया गया था।
लेकिन अभी तक जिला पुलिस हाथ मलने तक ही सीमित है। इसको लेकर सोमवार को शिक्षक संगठनों के लोग लामबंद हो गए। जिला शिक्षक कर्मचारी समन्वय समिति की अगुवाई में शिक्षकों की विकास भवन परिसर में बैठक हुई। इस दौरान हमलावरों की गिरफ्तारी नहीं होने पर गहरा रोष जताया गया। तय किया गया कि जिलाधिकारी और एसपी से मिलकर इस मामले में न्याय की गुहार लगाई जाए।
इसी कड़ी में आंदोलित शिक्षकों की ओर से बाइक जुलूस निकाला गया। यह जुलूस विकास भवन परिसर से होते हुए जिला मुख्यालय पहुंचा। यहां समिति के वरिष्ठ पदाधिकारियों का प्रतिनिधिमंडल जिलाधिकारी और पुलिस उपाधीक्षक से मिलने के लिए उनके कार्यालय पहुंचा, लेकिन प्रमुख सचिव की ओर से की जा रही वीडियो कांफ्रेंसिंग में व्यस्त होने के कारण उनसे मुलाकात नहीं हो पाई।
इससे प्रतिनिधिमंडल ने अगली तिथि में उनके मिलने का निर्णय लेेते हुए अपनी मांग से संबंधित पत्रक डीएम और एसपी कार्यालय को सौंप दिया। इस दौरान राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद के पूर्वांचल प्रभारी डीएन सिंह ने कहा कि शिक्षक नेता हत्याकांड पुलिस प्रशासन के माथे पर किसी कलंक से कम नहीं है।
अभी तक हमलावरों की गिरफ्तारी न होना बेहद शर्मनाक और चिंता का विषय है। शिक्षक नेता सुरेंद्र सिंह ने पुलिस प्रशासन के रवैये की निंदा की। जिलाध्यक्ष अंबिका प्रसाद दुबे ने कहा कि मृतक के परिवारीजनों को आर्थिक सहायता भी प्रशासन की ओर से अभी तक उपलब्ध नहीं कराई गई है। यह बेहद दुखद है। जुलूस में मुख्य रूप से दशरथ यादव, अनंत सिंह, मंजय यादव, अशोक राय, डा. दुर्गेशप्रताप आदि शामिल थे।