स्थानीय पुलिस सहित वाराणसी की एसडीआरएफ ( राज्य आपदा मोचन बल ) के गोताखोरों की ओर से लगातार तलाश के बाद भी गंगा में कूदी छात्रा का पता नहीं चल सका। बावजूद पुलिस अभी भी स्थानीय मछुआरों की सहायता से उसे ढूंढने में जुटी है। इधर परिजन अभी भी पुत्री के मिलने की आस लगाए बैठे हैं।
बीते एक जनवरी की सुबह करीब साढ़े दस बजे कोतवाली क्षेत्र के रजागंज चौकी के तहत हमीद सेतु से एक 17 वर्षीय छात्रा ने बैग और मोबाइल रखकर गंगा नदी में छलांग लगा दी थी। सूचना पर पहुंची पुलिस मोबाइल और बैग के जरिए उसकी पहचान करने के साथ ही छानबीन शुरू कर दी थी। जब लोगों को घटना की जानकारी हुई तो वहां काफी संख्या में राहगीरों की भीड़ एकत्र हो गई थी। काफी मशक्कत के बाद उसकी पहचान ज्योति (17) निवासी कलौरा थाना दुर्गावती जिला भभुआ/ कैमूर बिहार के रूप में हुई थी। जो काफी दिनों से अपने फुफा कासिमाबाद थाना क्षेत्र के मोहम्मदपुर कुसुम बढ़ईपुर निवासी रामविलास यादव के यहां रहकर कक्षा बारह में पढ़ती थी। पुलिस के छानबीन में पता चला कि घटना वाले दिन वह सुबह सात बजे फुफा से ट्यूशन पढ़ने की बात कहकर साइकिल से निकली थी और रास्ते में कहीं साईकिल रख बस से गाजीपुर घाट पहुंची। जहां से वह सीधे हमीद सेतु पहुंच अपने साथ लिए बैग और मोबाइल आदि को रख नदी में छलांग लगा दी थी। इस संबंध में रजागंज चौकी इंचार्ज पवन कुमार ने बताया कि लापता छात्रा की तलाश अभी भी जारी है, जल्द ही उसका पता लगा लिया जाएगा।