शक के आधार पर पुलिस अधीक्षक ने टीम गठित की। टीम ने बालक के सौतेले पिता को महराजगंज रेलवे क्रासिंग से गिरफ्तार किया तो सच्चाई सामने आ गई। बालक के सौतेले पिता ने बताया कि बालक का उसने ही अपहरण किया और उसे नौवादपुर थाना सट्टी कानपुर देहात की निवासी शशिबाला को 65 हजार रुपये में बेच दिया था।
पुलिस ने महिला को गिरफ्तार किया तो पता चला कि उसने अपने दिव्यांग माता-पिता की देखभाल के लिए बच्चे को खरीदा है। एसपी ने बताया कि कानपुर देहात से बीते 30 सितंबर को दोनों गिरफ्तार कर लिया गया है। साथ ही उसके कब्जे से अपहृत बालक और 65 हजार रुपये बरामद कर लिया। पूछताछ के बाद पुलिस ने दोनों का चालान न्यायालय भेज दिया।
सौतेले पिता ने पैसे के लालच में अपने तीन वर्ष के बेटे को बेच दिया। एसपी के मुताबिक अपह्त बालक सहमा हुआ था। जबकि उसकी मां रो-रोकर बेहाल थी। पुलिस अभी इस मामले की और गहनता से जांच करने में जुटी हुई है। शक जाहिर किया जा रहा है कि कहीं आरोपी सौतेला पिता ने बालक के अपहरण लिए ही तो शादी नहीं की थी। एसपी का कहना है कि इससे इन्कार भी नहीं किया जा सकता। फिलहाल जांच की जा रही है।