गाजीपुर। जिले में वर्ष 2002 के चौदहवीं विधानसभा के चुनाव में भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी का सफाया हो गया। सपा ने चार और बसपा ने तीन सीटें जीतकर अपने वर्चस्व को कायम रखा था जबकि पिछले चुनाव में दो सीट जीतने वाली भाजपा को इस चुनाव में सिर्फ एक सीट जीतकर ही संतोष करना पड़ा।
वर्ष 1996 के चुनाव में भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी ने दो सीटों पर कब्जा किया था मगर वर्ष 2002 के चुनाव में पार्टी किसी सीट पर काबिज नहीं हो पाई। मुहम्मदाबाद सीट से पिछले पांच चुनावों में लगातार जीत हासिल करती आ रही भाकपा को करारा झटका लगा था। मुहम्मदाबाद से लगातार पांच बार जीत हासिल कर अफजाल अंसारी ने रिकार्ड बनाया था। इस सीट पर भाजपा ने जीत हासिल की थी। उनके रिकार्ड की बराबरी दिलदारनगर की सीट जीतकर ओमप्रकाश सिंह ने की थी। जमानिया सीट से सपा के टिकट पर जीत हासिल कर कैलाश यादव लगातार दूसरी बार विधायक बने। चुनाव में जहूराबाद सीट से बसपा के कालीचरण राजभर, मुहम्मदाबाद से भाजपा के कृष्णानंद राय, दिलदारनगर से सपा के ओमप्रकाश सिंह, जमानिया से सपा के कैलाश यादव, गाजीपुर से बसपा के उमाशंकर कुशवाहा, जखनिया (अनुसूचित) से सपा के छेदी राम, सादात (अनुसूचित) से सपा के बीजू पटनायक और सैदपुर से बसपा के कैलाशनाथ यादव को विजय मिली थी। इस चुनाव में विधानसभा की क्रमाक संख्या को बदलकर 213 से 220 के बीच कर दिया गया था।
चौदहवें विधानसभा का हाल
जहूराबाद- कालीचरण राजभर (बसपा)
मुहम्मदाबाद- कृष्णानंद राय (भाजपा)
दिलदारनगर- ओमप्रकाश सिंह (सपा)
जमानिया- कैलाश यादव (सपा )
गाजीपुर- उमाशंकर कुशवाहा (बसपा)
जखनिया (अनुसूचित)- छेदी राम (सपा)
सादात- (अनुसूचित)- बीजू पटनायक (सपा)
सैदपुर- कैलाशनाथ यादव (बसपा)