फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Ghazipur News: कहीं अधीक्षक गायब तो कहीं बंद था ताला

विज्ञापन
विज्ञापन
गाजीपुर। जिले की ग्रामीण स्वास्थ्य सेवाएं इन दिनों बेपटरी हो चुकी हैं। चिकित्सकों एवं स्वास्थ्य कर्मियों के आने का तो कोई समय ही नहीं निर्धारित है। बृहस्पतिवार को अमर उजाला की टीम विभिन्न सीएचसी व पीएचसी पहुंची। जहां समय से बेहतर उपचार उपलब्ध कराने के स्वास्थ्य विभाग के दावे की पोल खुलकर सामने आ गई। स्थिति यह थी कि कहीं सुबह के 10.30 बजे तक अधीक्षक की कुर्सी खाली रही तो कहीं 11 बजे तक ताला ही नहीं खुला था। ऐसे में मरीज उपचार के लिए भटकते मिले।
विज्ञापन


000000
सुबह के 10.30 बजे तक मरीज करते रहे इंतजार
खानपुर: क्षेत्र के गोरखा गांव स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर सुबह 10.30 बजे अधीक्षक की कुर्सी खाली थी। एलोपैथ पद्धति से उपचार कराने वाले मरीज चिकित्सक के आने का इंतजार कर रहे थे। इधर, आयुर्वेदिक चिकित्सालय में स्वास्थ्य कर्मी और डॉक्टर मरीजों का उपचार कर रहे थे। चिकित्साधिक्षक आरएस वर्मा ने बताया कि अस्वस्थ होने के कारण अस्पताल पर नहीं आए हैं। फार्मासिस्ट शाहिद जमाल सिद्दीकी की इमरजेंसी ड्यूटी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सैदपुर पर लगाई गई है और एलटी अनंत सिंह छुट्टी पर चल रहे हैं। ग्रामीणों ने बताया कि इनकी यही स्थिति पूरे वर्ष बनी रहती है। यहीं नहीं कैंपस में पीने के पानी की कोई व्यवस्था है। शौचालय बिना दरवाजे के हैं तो रात में रूकने के लिए कर्मियों के लिए बने आवास के सामने जंगली घास ऐसे लगे थे, जैसे उसमें कोई निवास ही नहीं करता हो।

सीबीसी मशीन नहीं होने से मरीज बाहर जांच करा रहे
मौधा। सैदपुर सीएचसी में सर्दी, जुकाम, खांसी, डेंगू, मियादी और डेंगू के मरीजों की भरमार है। हाल यह है कि जांच के काम आने वाली सीबीसी मशीन ही खराब पड़ी है। लीवर फंक्शन किट भी नहीं है। वहीं यहां स्त्री रोग विशेषज्ञ की तैनाती न होने से महिला संबंधी रोगों का निदान नहीं हो पा रहा है। एक वर्ष पूर्व लगी हेल्थ एटीएम मशीन किट के अभाव में धूल फांक रही है। सैदपुर सीएचसी से बाहर निकलने वाली सीवर नाली जाम है। गंदा पानी संक्रामक रोगों को न्योता दे रहा है। सीएचसी अधीक्षक डाॅ. दीपक पांडेय ने बताया कि एक स्त्री रोग विशेषज्ञ, एटीएम हेल्थ किट व सीबीसी मशीन आदि के लिए उच्चाधिकारियों से मांग की गई है। वहीं चोक नाली की सफाई के लिए नगर पंचायत व ब्लाक कार्यालय को लिखित रूप से सूचित कर दिया गया है।
विज्ञापन



सुबह के 11 बजे तक लटका रहा पीएचसी पर ताला
गहमर: एशिया के सबसे बड़े गांव और सैनिक बाहुल्य गहमर सहित आस-पास के दर्जनों गांव के मरीजों के लिए एकमात्र गहमर स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर सुबह 11 बजे तक ताला लटका हुआ था। मरीज उपचार कराने के लिए अस्पताल खुलने का इंतजार कर रहे थे। कोई बताने वाला ही नहीं था कि आखिरकार कब अस्पताल का ताला खुलेगा। मरीज कृष्णा देवी ने बताया कि यह प्रतिदिन की स्थिति है। रेशमा देवी ने बताया कि ऐसे में उपचार के लिए निजी अस्पतालों के तरफ रूख करना पड़ रहा है। सुग्रीव सिंह ने कहा कि सिर्फ कहने से बेहतर सुविधा नहीं मिल जाएग। इसका कोई संज्ञान लेने वाला ही नहीं है। सुरेश राम ने बताया कि भदौरा और बक्सर जाना पड़ता है।

जिले के सीएचसी-पीएचसी पर लगातार निरीक्षण का कार्य होगा। लापरवाह चिकित्सकों एवं स्वास्थ्य कर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। इसके लिए तैयारियां शुरू कर दी गई हैं। - डाॅ. देश दीपक पाल, सीएमओ
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें