गाजीपुर। स्वास्थ्य विभाग द्वारा संचालित राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम (आरबीएसके) जन्मजात रोग से बच्चाें को नया जीवन दे रहा है। ऐसे में उनके परिवारों के लिए यह योजना उम्मीद की किरण बनी हुई है। जन्मजात हृदयरोग, क्लब फुट, क्लेफ्ट लिप, क्लेफ्ट पेलेट, काक्लियर इम्प्लांट जैसी गंभीर समस्याओं से उन्हें मुक्ति मिल रही है। तीन माह में छह बच्चे इस योजना से लाभान्वित हो चुके हैं।
जिलाधिकारी अविनाश कुमार के निर्देशन में आरबीएसके की टीम लगातार ऐसे बच्चों को चिह्नित कर उपचार करा रही है। सीएमओ डाॅ. एसके पांडेय ने बताया कि आरबीएसके कार्यक्रम में ब्लाॅक स्तर पर गठित टीम बच्चों की स्क्रीनिंग, निदान और तृतीयक स्तर पर सर्जरी सुनिश्चित करती है। कहा कि इस कार्यक्रम के तहत जन्मजात हृदयरोग, क्लब फुट, क्लेफ्ट लिप, क्लेफ्ट पेलेट, काक्लियर इम्प्लांट जैसी गंभीर समस्या की निशुल्क सर्जरी कराई जाती है। अभिभावकों की आर्थिक स्थिति कभी भी उपचार में बाधा नहीं बनती है। ऐसे बच्चों और उनके परिवारों को सामाजिक और आर्थिक दृष्टि से भी सशक्त बनाती है। तय समय पर स्क्रीनिंग और उपचार से बच्चे न सिर्फ स्वस्थ रहते हैं, बल्कि उनका परिवार भी आर्थिक बोझ से मुक्त होता है। एनएचएम के डीपीएम प्रभुनाथ ने बताया कि हृदय रोग से पीड़ित एक वर्षीय मीनल फातिमा का निशुल्क सर्जरी कराया गया। इस कार्यक्रम के तहत 18 वर्ष के आयुवर्ग के विभिन्न जन्मजात दोषों, गंभीर बीमारियों और विकास संबंधित परेशानियों से मुक्त करने के लिए संचालित किया जाता है। प्रभुनाथ ने बताया कि प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र अंधऊ में स्वास्थ्य परीक्षण के दौरान आराध्या चौधरी में क्लब फुट की समस्या पाई गई। आरबीएसके टीम ने उसे राजकीय मेडिकल कॉलेज अस्पताल भेजा। जहां उसका उपचार हुआ। बच्ची अब स्वस्थ हो गई है और भविष्य में सामान्य जीवन जी सकेगी।