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UP: प्रेमिका के चक्कर में अपराधी बना था शॉर्प शूटर अनुज, मुख्तार गैंग में ऐसे हुआ था शामिल; STF के हाथों ढेर

Mon, 31 Mar 2025 01:59 PM IST
प्रगति चंद अंकुर शुक्ला, संवाद न्यूज एजेंसी, गाजीपुर।

सार

Shooter Anuj Kannaujiya Love Story: एसटीएफ के हाथों झारखंड में ढेर हुआ अनुज कन्नौजिया वर्ष 2009 में हत्या कर चर्चा में आया था। उसने प्रेमिका रीना के चक्कर में वारदात को अंजाम दिया था। 
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शॉर्प शूटर अनुज कन्नौजिया और रीना राय - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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आईएस-191 गैंग के सरगना मरहूम गैंगस्टर मुख्तार अंसारी के शॉर्प शूटर एवं ढाई लाख के इनामी बदमाश अनुज कन्नौजिया को एसटीएफ के हाथों झारखंड में ढेर होने के बाद गाजीपुर जिले के अपराध जगत से लेकर पुलिस विभाग तक हलचल मच गई है।

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शादी के बाद रीना को भी अपराध जगत में धकेला
अनुज पर गाजीपुर जिले में सात मुकदमे दर्ज हैं। इनमें एक ऐसी घटना भी शामिल हैं, जो 2009 में तब सार्वजनिक हुई। जब दुल्लहपुर में एक युवक की हत्या उसने दोस्तों के साथ मिलकर कर दी। उसने इस वारदात को अपनी प्रेमिका रीना राय के चक्कर में अंजाम दिया, जिसकी खूबसूरती का वह दीवाना था। बाद में अनुज ने रीना से शादी कर ली लेकिन अपने साथ उसे भी अपराध जगत में धकेल दिया।

अलग-अलग जिलों में दर्ज हैं 23 मुकदमे
मऊ जिले के चिरैयाकोट थानाक्षेत्र के बहलोलपुर गांव निवासी अनुज दोनों हाथों से पिस्टल चलाने में माहिर था। इसी खूबी के चलते वह मुख्तार अंसारी गैंग का सक्रिय सदस्य बन गया और शॉर्प शूटरों में गिना जाने लगा। उसके नाम हत्या, लूट, छिनैती, धमकी जैसे संगीन अपराधों की लंबी फेहरिस्त है। उस पर अलग-अलग जिलों और थानों में 23 मुकदमे दर्ज हैं। इनमें सात मुकदमे गाजीपुर के थानों में ही दर्ज हैं। यहां उस पर गैंगस्टर से लेकर हत्या तक के आरोप हैं। 
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एसटीएफ की ओर से जारी सूचना के मुताबिक वर्ष 2024 में शहर कोतवाली में उस पर गैंगस्टर सहित चार मुकदमे और 2009 में दुल्लहपुर थाने में तीन मुकदमे दर्ज किए गए। बताते हैं कि अनुज वर्ष 2009 तक दुल्लहपुर, चिरैयाकोट, आजमगढ़ इलाकों में सक्रिय था। यहां उसके गुर्गे भी अपराध में लिप्त थे। यहीं एक दुकान पर वह खूब आता था।

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दुकानदार की पोती रीना राय की खूबसूरती दीवाना था अनुज

दुकानदार की पोती रीना राय की खूबसूरती का वह दीवाना हो गया था। धीरे-धीरे दोनों की प्रेम कहानी शुरू हो गई, जिसका खुलासा 20 अप्रैल 2009 को हुई मनोज वर्मा की हत्या के पुलिस वर्कआउट के समय हुआ। रीना के दादा की दुकान के बगल में मेडिकल स्टोर है, जहां सिक्के वाला पीसीओ बॉक्स लगा था।

पीसीओ पर अनुज का फोन आता और दुकानदार संजय वर्मा उसे बुलाता लेकिन कुछ दिन बाद बात बिगड़ गई। शक और गुस्से में आकर अनुज और उसके दोस्त 20 अप्रैल 2009 को संजय वर्मा के मेडिकल स्टोर पर धमक गए।

इसे भी पढ़ें; Anuj Kannaujia Encounter: दोनों हाथों से पिस्टल चलाता था मुख्तार गैंग का शूटर अनुज, 2009 में चर्चा में आया था    

इस साजिश में रीना भी शामिल थी लेकिन बदमाशों ने गलतफहमी में संजय की जगह उसके भाई मनोज वर्मा की हत्या कर दी। दुल्लहपुर बाजार में हुई यह घटना आज भी लोगों को याद है। मामले में अनुज कनौजिया और उसकी प्रेमिका रीना समेत उसके अन्य साथियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज हुआ था। उधर, व्यापारी वर्ग में बढ़ता आक्रोश देख पुलिस ने रीना और उसके कुछ साथियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया।

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