दुकानदार की पोती रीना राय की खूबसूरती का वह दीवाना हो गया था। धीरे-धीरे दोनों की प्रेम कहानी शुरू हो गई, जिसका खुलासा 20 अप्रैल 2009 को हुई मनोज वर्मा की हत्या के पुलिस वर्कआउट के समय हुआ। रीना के दादा की दुकान के बगल में मेडिकल स्टोर है, जहां सिक्के वाला पीसीओ बॉक्स लगा था।
पीसीओ पर अनुज का फोन आता और दुकानदार संजय वर्मा उसे बुलाता लेकिन कुछ दिन बाद बात बिगड़ गई। शक और गुस्से में आकर अनुज और उसके दोस्त 20 अप्रैल 2009 को संजय वर्मा के मेडिकल स्टोर पर धमक गए।
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इस साजिश में रीना भी शामिल थी लेकिन बदमाशों ने गलतफहमी में संजय की जगह उसके भाई मनोज वर्मा की हत्या कर दी। दुल्लहपुर बाजार में हुई यह घटना आज भी लोगों को याद है। मामले में अनुज कनौजिया और उसकी प्रेमिका रीना समेत उसके अन्य साथियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज हुआ था। उधर, व्यापारी वर्ग में बढ़ता आक्रोश देख पुलिस ने रीना और उसके कुछ साथियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया।