जिलाधिकारी नरेंद्र सिंह पटेल द्वारा नगर पालिका परिषद द्वारा वर्ष
2013-14 और 2015 में अब तक कराए गए विकास कार्यों की जांच के लिए शिकंजा कस
दिया गया है। उनके निर्देश पर जांच की कड़ी में शुक्रवार को सदर एसडीएम
एके सिंह नगर पालिका के दफ्तर में पहुंचे और कार्यों के संबंध में अहम
जानकारी हासिल करते हुए कई अभिलेखों की पड़ताल भी की। यही नहीं उन्होंने ईओ
से निर्माण संबंधी कई पत्रावलियों को समय रहते उपलब्ध कराने को कहा है।
नगर
पालिका की सभासद सरिता सिंह द्वारा पिछले दिनों जिलाधिकारी को शिकायती
पत्र देकर नगर पालिका के विकास कार्यों की जांच कराने की मांग की गई थी। इस
मामले में जिलाधिकारी द्वारा सदर एसडीएम एके सिंह को जांच सौंपी गई है।
इसी कड़ी में सदर एसडीएम द्वारा शुक्रवार को नगर पालिका में जांच पड़ताल की
गई।
एसडीएम ने बताया कि नगर पालिका के ईओ से वर्ष 2013 से 2014-15 में
कराए गए सभी कार्यों का विवरण संबंधित पत्रावली सहित उपलब्ध कराने को कहा
गया है। साथ ही सहायक अभियंता लोक निर्माण विभाग प्रथम खंड को नगर पालिका
द्वारा प्रस्तुत की जाने वाली निर्माण कार्य की सूची में अंकित कार्यों का
मूल्यांकन/ सत्यापन कर आख्या उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं। जांच
आख्या एक सप्ताह के अंदर डीएम को उपलब्ध करानी है।
वहीं दूसरी ओर नगर
पालिका के पंजीकृत ठेकेदारों विजय प्रताप सिंह, आनंद कुमार तिवारी, राकेश
कुमार यादव, हृदय नारायण सिंह, राजू जायसवाल, विशाल कुमार पांडेय तथा रवि
चंद्र श्रीवास्तव ने हस्ताक्षरयुक्त शिकायती पत्र पुलिस अधीक्षक को दिया
है। उनका आरोप है कि उनके निर्माण कार्यों की फाइल नगर पालिका के एक बाबू
और अधिकारी द्वारा गायब कर दी गई है। मामले की जांच कराते हुए उचित
कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
एक दिन पहले ही बना दी थी उपस्थिति
नगर पालिका में जांच के दौरान सदर एसडीएम एके सिंह ने पालिका के टैक्स
इंस्पेक्टर कृष्णानंद मिश्र की कारस्तानी पकड़ी। एसडीएम के मुताबिक
उपस्थिति पंजिका में उसके द्वारा एक दिन पहले ही अगले दिन 14 मार्च की भी
उपस्थिति बना दी गई थी। मौके पर वह कार्यालय में मौजूद भी नहीं था। इस बाबत
ईओ को कारण बताओ नोटिस जारी करने को कहा गया है।