छपरा से दुर्ग जाने वाली सारनाथ एक्सप्रेस बृहस्पतिवार को गाजीपुर जिले के करीमुद्दीनपुर स्टेशन पर पहुंचने के पूर्व आउटर पर सिग्नल के पास दो भागों में बंट गई। ट्रेन का अगला हिस्सा करीब 150 मीटर आगे निकल गया। गार्ड की सूचना पर चालक ट्रेन को पीछे लाया। दोनों हिस्सों को जोड़ने के बाद ट्रेन को रवाना किया गया। आधे घंटे बाद ट्रेन करीमुद्दीनपुर स्टेशन पर पहुंची। गनीमत रही कि ट्रेन की रफ्तार ज्यादा नहीं थी, वरना बड़ा हादसा हो सकता था। इस घटना में किसी के हताहत होने की खबर नहीं है।
छपरा से चलकर दुर्ग को जाने वाली 05159 अप सारनाथ एक्सप्रेस अपने निर्धारित समय से चल रही थी। ट्रेन का अगला ठहराव करीमुद्दीनपुर रेलवे स्टेशन पर था। जैसे ही यह ट्रेन करीमुद्दीनपुर रेलवे स्टेशन के पूर्वी पैनल के आउटर सिग्नल को क्रॉस कर आगे बढ़ी। ट्रेन की बोगी संख्या 18818 और 18125 के बीच का कॉलिंग वैक्यूम पाइप सहित टूटकर अलग हो गया। जिससे ट्रेन दो हिस्सों में बंट गई।
अगला हिस्सा पिछले हिस्से को छोड़कर लगभग डेढ़ सौ मीटर आगे निकल गया। इसकी जानकारी जैसे ही ट्रेन के गार्ड आनंद कुमार को हुई उन्होंने इसकी सूचना चालक को दी। तब चालक ट्रेन को रोककर इंजन को पीछे लाए। इसके बाद टूटे हुए हिस्से को जोड़कर उसे स्टेशन पर ले गए। जिससे करीमुद्दीनपुर रेलवे स्टेशन पर ट्रेन निर्धारित समय 9.25 से लगभग आधा घंटा देर से 9.54 पर पहुंची।