इधर, बैंक द्वारा अनधिकृत रूप से सीमा से अधिक लोन वितरण कर दिया। यही नहीं, आरबीआई के नियम के अनुसार बैंक में धन की तरलता बनाए रखने के लिए कुल जमा का 24 प्रतिशत धन रिजर्व के रूप में सुरक्षित बैंक द्वारा रखा जाना था, लेकिन बैंक द्वारा लोन वितरण में रिजर्व धन का भी वितरण कर दिया गया है। इससे बैंक में तरलता शून्य हो गई है। एक-दो माह से जमा धनराशि को निकालने के लिए खाता धारक परेशान हैं। कई बार इसे लेकर धरना प्रदर्शन भी कर चुके हैं। आरोप है कि बैंक कर्मियों द्वारा मात्र एक हजार रुपये देकर कुछ लोगों को पल्ला झाड़ लिया गया। ऐसे में बैंक कर्मियों ने बीते 25 अगस्त को जिला प्रशासन के उच्चाधिकारियों को पत्र देकर खाते में जमा धनराशि भुगतान की मांग की थी।
मंगलवार को भी ग्राहकों ने प्रदर्शन किया था। मौके पर पहुंची पुलिस के सामने बैंक मैनेजर विवेक पटेल ने बताया था कि बीते 24 अगस्त से चार्ज जब लिया तो मात्र दो लाख बैंक में था। इसकी जांच की जा रही है। सभी खाता धारकों को पैसा मिल जाएगा। बैंक संचालक का मोबाइल बंद है और वह फरार हैं। बैंक मैनेजर विवेक पटेल ने बताया कि बैंक की जनपद में छह शाखा है। यहां कुल तीस हजार ग्राहक हैं, जिनका बैंक के पास 40 करोड़ रुपये जमा है। समय लगेगा, लेकिन सभी का पैसा मिल जाएगा। वहीं, सहायक आयुक्त एवं सहायक निबंधक सहकारिता अंसल कुमार के मुताबिक भारतीय रिर्जव बैंक द्वारा पूर्वांचल को-आपरेटिव बैंक लिमिटेड की सभी शाखाओं पर जमा निकासी पर 29 अगस्त से रोक लगा दी गई है। यदि यह बैंक बंद होता है तो जमाकर्ताओं का बीमित भुगतान, जो कि अधिकतम 5 लाख रुपये हैं, वह निक्षेप बीमा और प्रत्यय गारंटी निगम (डीआईसीजीसी) के माध्यम से कराया जाएगा।