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गाजीपुर से बड़ी खबर: पूर्वांचल को-ऑपरेटिव बैंक के लेनदेन पर आरबीआई ने लगाई रोक, मुकदमा दर्ज, क्या है मामला?

Thu, 31 Aug 2023 10:26 AM IST
किरन रौतेला न्यूज डेस्क, अमर उजाला, गाजीपुर

सार

बैंक द्वारा अनधिकृत रूप से सीमा से अधिक लोन वितरण कर दिया। यही नहीं, आरबीआई के नियम के अनुसार बैंक में धन की तरलता बनाए रखने के लिए कुल जमा का 24 प्रतिशत धन रिजर्व के रूप में सुरक्षित बैंक द्वारा रखा जाना था, लेकिन बैंक द्वारा लोन वितरण में रिजर्व धन का भी वितरण कर दिया गया है। इससे बैंक में तरलता शून्य हो गई है।
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पूर्वांचल को-ऑपरेटिव बैंक लिमिटेड बैंक - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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पूर्वांचल को-ऑपरेटिव बैंक लिमिटेड के बैंक के भूतपूर्व प्रवर्तक राम बाबू शाण्डिल्य, भूतपूर्व सीईओ विवेक पांडेय, प्रबंध कमेटी, लेखा परीक्षक मेसर्स विजय के. शर्मा एंड कंपनी, बैंक प्रोपाइटर और संबंधित पार्टी और फर्म के खिलाफ शहर कोतवाली में मुकदमा दर्ज करा दिया गया है। इस बैंक की जनपद में छह शाखाएं हैं। यहां 30 हजार ग्राहकों का 40 करोड़ से अधिक रुपया फंसा हुआ है। ऐसे में बैंक के ग्राहक अपने पैसे को लेकर परेशान हैं। वे कई बार प्रदर्शन भी कर चुके हैं। हालांकि पूरे प्रकरण की जानकारी होने पर भारतीय रिजर्व बैंक ने बैंकिंग रिगुलेशन एक्ट 1949 की धारा-35ए एवं सहपठित धारा-56 के तहत पूर्वांचल को-आपरेटिव बैंक के सभी शाखाओं पर सभी प्रकार के जमा एवं निकासी पर रोक लगा दी गई है।

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पूर्वांचल को-ऑपरेटिव बैंक की स्थापना 1989 में हुई। जनपद में इसकी जिला मुख्यालय पर मुख्य शाखा शास्त्री नगर, कचहरी, महराजगंज, जंगीपुर, सैदपुर, शहीद नगर में शाखा है। यहां कुल करीब 30 हजार ग्राहकों का खाता है। मौजूदा समय में इन ग्राहकों का 40 करोड़ रुपये से अधिक रुपये फंसा हुआ है। इनमें 90 प्रतिशत ग्राहकों के खाते में पांच लाख रुपये है, जबकि दस प्रतिशत ग्राहकों का उससे अधिक पैसा बैंक में जमा है।

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RBI - फोटो : RBI WEBSITE
इधर, बैंक द्वारा अनधिकृत रूप से सीमा से अधिक लोन वितरण कर दिया। यही नहीं, आरबीआई के नियम के अनुसार बैंक में धन की तरलता बनाए रखने के लिए कुल जमा का 24 प्रतिशत धन रिजर्व के रूप में सुरक्षित बैंक द्वारा रखा जाना था, लेकिन बैंक द्वारा लोन वितरण में रिजर्व धन का भी वितरण कर दिया गया है। इससे बैंक में तरलता शून्य हो गई है। एक-दो माह से जमा धनराशि को निकालने के लिए खाता धारक परेशान हैं। कई बार इसे लेकर धरना प्रदर्शन भी कर चुके हैं। आरोप है कि बैंक कर्मियों द्वारा मात्र एक हजार रुपये देकर कुछ लोगों को पल्ला झाड़ लिया गया। ऐसे में बैंक कर्मियों ने बीते 25 अगस्त को जिला प्रशासन के उच्चाधिकारियों को पत्र देकर खाते में जमा धनराशि भुगतान की मांग की थी।
मंगलवार को भी ग्राहकों ने प्रदर्शन किया था। मौके पर पहुंची पुलिस के सामने बैंक मैनेजर विवेक पटेल ने बताया था कि बीते 24 अगस्त से चार्ज जब लिया तो मात्र दो लाख बैंक में था। इसकी जांच की जा रही है। सभी खाता धारकों को पैसा मिल जाएगा। बैंक संचालक का मोबाइल बंद है और वह फरार हैं। बैंक मैनेजर विवेक पटेल ने बताया कि बैंक की जनपद में छह शाखा है। यहां कुल तीस हजार ग्राहक हैं, जिनका बैंक के पास 40 करोड़ रुपये जमा है। समय लगेगा, लेकिन सभी का पैसा मिल जाएगा। वहीं, सहायक आयुक्त एवं सहायक निबंधक सहकारिता अंसल कुमार के मुताबिक भारतीय रिर्जव बैंक द्वारा पूर्वांचल को-आपरेटिव बैंक लिमिटेड की सभी शाखाओं पर जमा निकासी पर 29 अगस्त से रोक लगा दी गई है। यदि यह बैंक बंद होता है तो जमाकर्ताओं का बीमित भुगतान, जो कि अधिकतम 5 लाख रुपये हैं, वह निक्षेप बीमा और प्रत्यय गारंटी निगम (डीआईसीजीसी) के माध्यम से कराया जाएगा।
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