मुहम्मदाबाद। राधा अष्टमी के मौके पर मंगलवार को नगर के जफरपुरा मुहल्ले में राधा रानी का जन्मोत्सव धूमधाम से मनाया गया। व्यास अभय नारायण पांडेय के सानिध्य में आयोजित कार्यक्रम में बड़ी संख्या में महिलाओं और बच्चियों ने सोमवार की रात भजन-कीर्तन कर रात्रि जागरण किया। मंगलवार की सुबह 4.50 पर राधारानी का जन्मोत्सव मनाया गया। इस दौरान दूध, दही, घी, मधु, शर्करा और जल से राधा रानी का अभिषेक किया गया। बच्चियों ने आंखों में बस गया नजारा आज अटारी का, धरती पर अवतार हुआ वृषभानु दुलारी का, झूमो नाचो गाओ जन्मदिन श्यामा प्यारी का...गीत प्रस्तुत किया।
व्यास पंडित ने कहा कि राधा रानी तीनों लोकों में न्यारी हैं और सबका मनोरथ पूर्ण करने वाली हैं। रावल गांव में राधाजी का मंदिर है। माना जाता है कि यहां पर राधाजी का जन्म हुआ था। पांच हजार वर्ष पूर्व रावल को छूकर यमुना बहती थी। राधा जी की मां कृति यमुना में स्नान करते हुए आराधना करती थीं और पुत्री की लालसा रखती थीं। पूजा करते समय एक दिन यमुना से कमल का फूल प्रकट हुआ। कमल से सोने की चमक सी रोशनी निकल रही थी। इसमें छोटी बच्ची के नेत्र बंद थे। बताया कि अब वह स्थान इस मंदिर का गर्भगृह है। रावल गांव में राधारानी के मंदिर के ठीक सामने प्राचीन उपवन है। कहा जाता है कि यहां पर पेड़ स्वरूप में आज भी राधाजी और श्रीकृष्ण विद्यमान हैं। यहां पर एक साथ दो वृक्ष हैं। एक श्वेत है तो दूसरा श्याम रंग का। इनकी पूजा होती है। माना जाता है कि राधाजी और श्रीकृष्ण वृक्ष स्वरूप में आज भी यहां से यमुना जी को निहारते हैं। कार्यक्रम में जैनेश पंकज, नयन शंकर उपाध्याय, रामजी तिवारी, राजन केशरी, देवेंद्र, अमरनाथ गुप्ता, आरुणी पांडेय, रेनू केशरी, शशिबाला पांडेय, विजेंद्र, अनुराग गुप्ता, द्वारिका गुप्ता आदि मौजूद थे।