गहमर रेलवे स्टेशन पर फरक्का एक्सप्रेस, मगध एक्सप्रेस, कामाख्या भगत एवं गरीब रथ एक्सप्रेस का ठहराव करने की मांग को लेकर भूतपूर्व सैनिक संगठन समेत अन्य क्षेत्रीय संगठनों का धरना रविवार को छठे दिन भी जारी रहा।
धरना सभा में समिति के हृदय नारायण सिंह ने कहा कि गहमर में ट्रेनों का ठहराव खत्म होने से सैनिकों के साथ गहमर सहित अगल-बगल के गांवों के लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। रेल अधिकारियों के आश्वासन के छह माह बीत जाने के बाद भी कोरोना काल के पूर्व रुकने वाली ट्रेनों का ठहराव अभी तक नहीं मिला। इसके लिए अधिकारियों ने आश्वासन दिया था। रेल प्रशासन की वादाखिलाफी से सैनिकों एवं क्षेत्रवासियों में रोष है, जिससे क्षुब्ध हो अनिश्चित कालीन अनशन पर बैठने के लिए मजबूर होना पड़ा। जब तक ट्रेनों का ठहराव नहीं होगा, तब तक अनशन जारी रहेगा। बैठक स्थल से ही यह निर्णय लिया गया कि अब रेल प्रशासन से हम गांधीवादी तरीके के बजाय भगत सिंह और चंद्रशेखर आजाद सरीखे लोगो के तरीके को अपना कर आंदोलन को और धारदार बनाया जाएगा।
इसी क्रम में लगभग 50 युवाओं की टीम ने पूरे गांव और क्षेत्र में मोटरसाइकिल से भ्रमण कर जन संपर्क कर आंदोलन स्थल पहुंचने के लिए लोगों से आह्वान किया। इस अवसर पर भूतपूर्व सैनिक संगठन के अध्यक्ष मारकंडेय सिंह, महामंत्री शिवानंद सिंह, सदस्य चंदन सिंह, कुणाल सिंह, प्रमोद सिंह, रेल पुन: ठहराव समिति के संयोजक हृदय नारायण सिंह, सुधीर सिंह, हेराम सिंह, पूर्व प्रधान दुर्गा चौरसिया, आदर्श सिंह सिकरवार, गिरधारी गुप्ता, कामदेव सिंह, महेंद्र प्रताप हिन्दू, किसान मोर्चा के अध्यक्ष अमित सिंह, अजीत सिंह रहे।