घटना के बाद परिजनों को ढांढस बंधाते गांव के लोग।
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चिकित्सकों ने बताया कि नवजात के दिल में छेद है। इसके बाद आपरेशन की तारीख दे दी गई। बीते 18 दिसंबर को सुबह दस बजे बच्चे को लेकर ओटी में चले गए, लेकिन थोड़ी ही देर में अस्पताल में आग लगने की सूचना पर सभी लोग भागने लगे। जब आग पर काबू पाया गया, तब घरवालों को बुलाकर बताया गया कि नवजात की मौत हो गई है। इधर जानकारी होते ही परिजनों के रोने- बिलखने से गांव में चीख- पुकार मच गई।
दादी आशा देवी के बिलखने से वहां मौजूद लोगों की आंखें भर आईं। नवजात के पिता बृजभूषण यादव के दूसरे संतान के रूप में लड़का पैदा हुआ था। इसके पूर्व पांच वर्ष की पुत्री रिया यादव है। गांव के लोग परिजनों को ढांढस बंधाने में जुटे रहे। क्षेत्रीय लेखपाल शराफत अली ने बताया कि मुख्यमंत्री सहायता राशि के लिए रिपोर्ट तैयार कर तहसील के उच्चाधिकारियों को भेज दी गई है।