मुहम्मदाबाद। बलिया-वाराणसी वाया यूसुफपुर रेल मार्ग पर कोरोना काल में बंद की गई सुबह जाने वाली सवारी गाड़ी को अभी तक नहीं चलाए जाने से विभिन्न कार्यों के सिलसिले में वाराणसी जाने वाले यात्रियों को काफी असुविधा का सामना करना पड़ रहा है। इसके चलते छोटे स्टेशनों से यात्रा करने वाले लोगों की परेशानी कुछ ज्यादा बढ़ गई है।
छपरा-बलिया-वाराणसी वाया गाजीपुर रेलमार्ग पर कोविड से पूर्व यूसुफपुर स्टेशन से वाराणसी जाने के लिए सुबह करीब 5.45 बजे, सात बजे एवं पूर्वाह्न 11.40 बजे के आसपास मेमू सवारी गाड़ी मिलती थी। वाराणसी से बलिया की ओर जाने के लिए सुबह करीब 4.50 बजे एवं 9.30 बजे मेमू सवारी गाड़ी मिलती थी। कोविड का प्रभाव कम होने पर कुछ ट्रेनों का संचालन शुरू हुआ लेकिन अभी भी ट्रेनों को स्पेशल कहकर चलाया जा रहा है उसका किराया भी अधिक लग रहा है। वहीं सवारी गाड़ी के नाम पर मात्र सुबह बलिया से वाराणसी के बीच एक मेमू ट्रेन चलाई जा रही है जो शाम को वाराणसी से वापस लौटती है। दोपहर में चलने वाली छपरा-वाराणसी डेमू सवारी गाड़ी को औड़िहार तक चलाया जा रहा है। इससे लोगों को वाराणसी तक की यात्रा करना काफी कष्टदायक हो जा रहा है।
इस संबंध में वरिष्ठ अधिवक्ता प्यारेलाल अग्रवाल, व्यापारी नेता संदीप उर्फ दीपू गुप्ता, व्यवसायी नारायण तिवारी, राजकिशोर अग्रवाल आदि ने बताया कि कोविड के बाद सब कुछ सामान्य हो गया लेकिन पता नहीं किन वजहों से रेलवे के जिम्मेदार अधिकारी ट्रेनों के संचालन को लेकर संवेदनशील नहीं दिख रहे। कोविड स्पेशल के नाम पर किराया भी बढ़ गया और ट्रेनों का संचालन भी नहीं किया जा रहा। सुबह की मेमू ट्रेन का संचालन बंद है। सात बजे की सवारी गाड़ी चल रही है जिसमें मात्र चार-पांच बोगी ही लगती है। ऐसे में भीड़ के चलते लोग चढ़ भी नहीं पाते हैं और प्रति दिन दर्जनों लोग ट्रेन में न चढ़ पाने के कारण वापस चले जाते हैं। स्टेशन अधीक्षक अदीप कुमार ने कहा कि अधिकांश सवारी गाड़ियों का संचालन शुरू हो गया है। शेष ट्रेनों का बोर्ड की तरफ से आदेश आने पर संचालन शुरू होगा।