गाजीपुर। राजकीय होम्योपैथिक कॉलेज की स्थिति नारकीय हो गई है। परिसर में आधा फीट तक जलभराव है। छात्रों और शिक्षकों को क्लास रूम में जाने के लिए बेंच लगाई गई है। हालात यह है कि परिसर में जलभराव के कारण कॉलेज के गेट पर टेंट लगाकर ओपीडी का संचालन किया जा रहा है। ओपीडी में प्रतिदिन औसतन 250 मरीजों का उपचार किया जा रहा है।
राजकीय होम्योपैथिक कॉलेज का परिसर 11 बीघा क्षेत्रफल में है। वर्तमान में आठ बीघा के दायरे में पूरी तरह से जलभराव है। स्थिति यह है कि गेट से कॉलेज के क्लास रूम तक जाना संभव नहीं है। मजबूरी में कॉलेज प्रशासन की तरफ से परिसर से भवन तक पानी में बेंच लगाया गया है। इसी बेंच पर चढ़कर विद्याथीZ क्लासरूम तक जा रहे हैं।
शिक्षक भी इसी तरकीब का सहारा ले रहे हैं। राजकीय होम्योपैथिक कॉलेज में 100 से अधिक शिक्षक और कर्मचारी कार्यरत हैं। साथ ही छात्रों की संख्या 200 है। यहा सामान्य दिनों में ओपीडी में करीब 350 मरीज आते थे। वर्तमान में 100 मरीज घट चुके हैं। वहीं जलभराव से दुर्गंध से रहना मुश्किल हो गया है। दवा स्टोर रूम में भी पानी भरा है।
जनप्रतिनिधि और अधिकारी बने मूकदर्शक
गाजीपुर। राजकीय होम्योपैथिक कॉलेज के परिसर में जलभराव की समस्या 15 वर्षों से है। जब भी बारिश होती है तो परिसर तरणताल बन जाता है। इसके बावजूद जिले के जनप्रतिनिधि और प्रशासनिक अधिकारी मूकदर्शक बने हैं। परिसर में जलभराव का कारण यह भी है कि कैंपस सड़क से एक फीट से कम ऊंचाई पर स्थित है। जिससे परिसर से बारिश का पानी निकल नहीं पाता है।
पॉलिटेक्निक कॉलेज का लेना पड़ा सहारा
गाजीपुर। वर्तमान में होम्योपैथिक कोर्स के प्रथम वर्ष की परीक्षा चल रही है। परिसर में जलभराव के कारण कॉलेज में परीक्षा आयोजित कराना संभव नहीं था। इसके लिए पॉलिटेक्निक कॉलेज में सेंटर बनाया गया। कॉलेज के प्रिंसिपल डॉ. राजेंद्र सिंह की ओर से डीएम आर्यका अखौरी के यहां प्रकरण को लेकर गुहार लगाई गई। काफी जद्दोजहद के बाद दो मोटर पंप से पानी को निकाला जा रहा है। इसी का नतीजा है कि जो पानी पहले एक फीट तक थी, वह घटकर आधा फीट है।
मैं सर्दी-जुकाम की दवा लेने आया था। मालूम चला कि ओपीडी के लिए अंदर नहीं जाना है, बल्कि मैंने देखा कि गेट पर ही ओपीडी का संचालन किया जा रहा है। परिसर में जलभराव से दुर्गंध आ रही है। श्यामराज कुशवाहा, अकलपुरा
झे काफी दिनों से खांसी की समस्या है। उसी का दवा लेने आया था। यहां आने के बाद देखा कि डॉक्टर गेट के पास ही बैठकर दवा दे रहे हैं। परिसर में पूरी तरह से जलभराव की स्थिति है। - मो. शकीर, मीर मोहल्ला
परिसर में जलभराव से दिक्कत हो रही है। छात्र कक्षाओं को अटेंड कर सकें, इसके लिए परिसर में जलभराव के बीच बेंच लगाया गया है। छात्र, शिक्षक और कर्मचारी इन्हीं बेंच के जरिए आवागमन कर रहे हैं। - डा. राजेंद्र सिंह, प्रिंसिपल राजकीय होम्योपैथिक कॉलेज