गाजीपुर। पशु पालन विभाग की ओर से इसी महीने में ऑनलाइन 21वीं पशु गणना शुरू की जाएगी। कुल 5.46 लाख घरों में पशु गणना का लक्ष्य रखा गया है। इसके लिए 26 सुपरवाइजर और 22 कर्मचारियों की टीमें लगाई जाएंगी। इस बार गाय, भैंस के साथ ही कुत्ता, ऊंट और हाथियों की भी गणना होगी। 2019 में गणना के अनुसार जिले में 892217 पशु थे। इनमें 386272 गोवंश और 505945 महिषवंशीय पशु थे।
पहली बार पशु गणना में गाय व भैंस की नस्ल का अलग-अलग डाटा इकट्ठा किया जाएगा। इसका उद्देश्य जिले में अच्छी नस्ल की दुधारू गाय व भैंस पालन को प्रोत्साहित करना है। गणना में पशु पालकों का नाम, पता, मोबाइल नंबर सहित पशुओं की संख्या व उनकी प्रजाति का डाटा इकट्ठा किया जाएगा। शहरी क्षेत्रों में चार हजार परिवारों पर एक कर्मचारी और 40 हजार परिवारों पर एक सुपरवाइजर रखा गया है। ग्रामीण क्षेत्रों में तीन हजार परिवारों पर एक कर्मचारी और 15 हजार परिवारों पर एक सुपरवाइजर की व्यवस्था रहेगी। उप मुख्य चिकित्साधिकारी को प्रदेश स्तर पर प्रशिक्षण देने का कार्य पूरा कर लिया गया है। वर्तमान में तहसील और ब्लाकस्तर पर पशु पालन विभाग के कर्मियों को प्रशिक्षण देने का कार्य चल रहा है। गोवंश, महिषवंश, भेड़, बकरी, सूअर, घोड़ा, मुर्गी आदि की गणना की जाएगी। साथ ही इस बार की गणना में सड़कों पर छुट्टा घूमने वाले कुत्तों की भी गणना की जाएगी।
इसी महीने से पशु गणना का कार्य शुरू होगा। यह कार्य 31 दिसंबर तक चलेगा। इसमें नस्लवार पशुओं का डाटा ऑनलाइन जुटाया जाएगा। साथ ही पशु पालकों को दुधारू नस्ल के गाय व भैंस पालन करने को लेकर प्रोत्साहित किया जाएगा। - डॉ. एके शाही, मुख्य पशु चिकित्साधिकारी