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Ghazipur News: महिलाओं में मोटापा बढ़ा

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बच्चे की वजन और लंबाई की माप करती आंगनबाड़ी कार्यकर्ता। (फाइल फोटो)
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जिले में बच्चों के पोषण की स्थिति में सुधार के संकेत हैं, लेकिन वयस्कों में मोटापा और उच्च रक्तचाप की समस्या चिंता बढ़ा रही है। केंद्रीय स्वास्थ्य व परिवार कल्याण मंत्रालय की ओर से बीते अगस्त में जारी राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वेक्षण (एनएफएचएस)-5 और एनएफएचएस-6 के आंकड़ों के अनुसार, जिले में पांच वर्ष से कम उम्र के बच्चों में ठिगनेपन की दर 22.7 प्रतिशत दर्ज की गई है। वहीं, महिलाओं में अधिक वजन या मोटापे की दर 23.1 प्रतिशत से बढ़कर 28.4 प्रतिशत पहुंच गई है। पुरुषों में उच्च रक्तचाप की दर भी 19.4 प्रतिशत से बढ़कर 19.9 प्रतिशत हो गई है।
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पूर्वांचल के दस जिलों के तुलनात्मक आंकड़ों में बच्चों के ठिगनेपन के मामले में गाजीपुर की स्थिति अपेक्षाकृत बेहतर है। यहां यह दर सोनभद्र के 39 प्रतिशत और मिर्जापुर के 37.8 प्रतिशत से काफी कम है। हालांकि, आजमगढ़ में 20.3 प्रतिशत और जौनपुर में 21.7 प्रतिशत की तुलना में गाजीपुर की दर अधिक है। यानी दस जिलों में गाजीपुर बच्चों के ठिगनेपन की दर के मामले में तीसरे सबसे निचले स्तर पर है।
दूसरी ओर, महिलाओं में अधिक वजन या मोटापे की दर के मामले में गाजीपुर की स्थिति चिंताजनक है। यहां यह दर 28.4 प्रतिशत है, जो वाराणसी के 40.8 प्रतिशत और बलिया के 30 प्रतिशत के बाद सबसे अधिक है।
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बच्चों के पोषण में सुधार के संकेत, फिर भी सतर्कता जरूरी
पांच वर्ष से कम उम्र के बच्चों की लंबाई उम्र के अनुरूप नहीं बढ़ने को ठिगनेपन यानी स्टंटिंग कहा जाता है। एनएफएचएस-6 में गाजीपुर में इसकी दर 22.7 प्रतिशत दर्ज की गई है। तुलना के लिए सोनभद्र में यह 39 प्रतिशत, मिर्जापुर में 37.8 प्रतिशत, वाराणसी में 27.3 प्रतिशत और भदोही में 27.1 प्रतिशत है। वहीं, जौनपुर में 21.7 प्रतिशत और आजमगढ़ में 20.3 प्रतिशत दर दर्ज की गई।
महिलाओं में मोटापा 23.1 से बढ़कर 28.4 प्रतिशत
एनएफएचएस-5 और एनएफएचएस-6 की तुलना में गाजीपुर में महिलाओं के अधिक वजन या मोटापे की दर में 5.3 प्रतिशत अंक की बढ़ोतरी हुई है। एनएफएचएस-5 में यह दर 23.1 प्रतिशत थी, जो एनएफएचएस-6 में बढ़कर 28.4 प्रतिशत हो गई। यह सूचकांक 15 से 49 वर्ष की महिलाओं में बॉडी मास इंडेक्स (बीएमआई) 25 या उससे अधिक होने को दर्शाता है। पूर्वांचल के दस जिलों में महिलाओं के अधिक वजन या मोटापे की दर वाराणसी में सबसे अधिक 40.8 प्रतिशत है। बलिया में यह 16.6 प्रतिशत से बढ़कर 30 प्रतिशत पहुंच गई। गाजीपुर की 28.4 प्रतिशत दर मऊ की 28.3 प्रतिशत और आजमगढ़ की 27.8 प्रतिशत दर से भी अधिक है।

पुरुषों में उच्च रक्तचाप की दर 19.4 से बढ़कर 19.9 प्रतिशत
गाजीपुर में पुरुषों के बीच उच्च रक्तचाप की दर एनएफएचएस-5 के 19.4 प्रतिशत से बढ़कर एनएफएचएस-6 में 19.9 प्रतिशत पहुंच गई है। यानी दोनों सर्वेक्षणों के बीच 0.5 प्रतिशत अंक की बढ़ोतरी दर्ज की गई। पूर्वांचल के जिलों में उच्च रक्तचाप की स्थिति एक समान नहीं है। बलिया में पुरुषों में इसकी दर 17.1 प्रतिशत से बढ़कर 26.9 प्रतिशत हो गई, जबकि सोनभद्र में यह 23 प्रतिशत से घटकर 17.7 प्रतिशत रह गई। जौनपुर में पुरुषों की दर 22.5 प्रतिशत से घटकर 17.1 प्रतिशत और आजमगढ़ में 19.4 प्रतिशत से घटकर 17.2 प्रतिशत दर्ज की गई।

पांच वर्ष से कम उम्र के बच्चों में ठिगनेपन की समस्या गर्भावस्था के दौरान शिशु के कुपोषित होने से भी जुड़ी होती है। पिछले सर्वेक्षण की तुलना में जिले के आंकड़ों में सुधार हुआ है। विभाग की ओर से गर्भवती महिलाओं को संतुलित आहार के प्रति जागरूक करने के साथ पुष्टाहार भी उपलब्ध कराया जाता है। -संजय सोनी, जिला कार्यक्रम अधिकारी, आईसीडीएस।

अनियमित जीवनशैली और खानपान के कारण पुरुषों और महिलाओं में रक्तचाप, मोटापे तथा बढ़ी हुई रक्त शर्करा की समस्या बढ़ रही है। स्वास्थ्य विभाग जागरूकता अभियानों के माध्यम से लोगों को बचाव के लिए प्रेरित करता है। डॉ. रामकुमार,एसीएमओ।
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