गाजीपुर। परिषदीय विद्यालयों से गैरहाजिर रहने वाले बच्चों की अनुपस्थिति के कारण की पड़ताल भी गुरुजी करेंगे। इसके लिए एआरपी, एसआरजी एवं शिक्षक संकुल को दो-दो विद्यालयों की जिम्मेदारी दी गई है। ये छात्रों के अनुपस्थित रहने के कारणों की तलाश करने के साथ ही पंजीकृत निर्माण श्रमिकों के विद्यालयों में अध्ययनरत बच्चों की जानकारी कर उन्हें छात्रवृत्ति का लाभ दिलाने के लिए आवेदन कराएंगे, ये पूरा विवरण वह रोजाना साइट पर अपडेट भी करेंगे।
परिषदीय विद्यालयों में अधिक से अधिक बच्चों का नामांकन करने के लिए स्कूल चलो अभियान चलाया जा रहा है। इसके तहत जिले में लक्ष्य से ज्यादा बच्चों का नामांकन हुआ। निर्धारित लक्ष्य से अधिक बच्चों का नामांकन किया गया है। बीते सत्र में जिले में 2,89,900 बच्चे नामांकित थे। इसके सापेक्ष इस सत्र में कुल नामांकन का लक्ष्य 3,52,289 निर्धारित किया गया था। इस तरह 62,389 नवीन बच्चों के नामांकन के लक्ष्य की तुलना में 30 अप्रैल तक जिले में 62671 नवीन बच्चे नामांकित हुए। दाखिला होने के बाद भी बड़ी संख्या में बच्चे विद्यालय नहीं पहुंच रहे।
विभाग अब इन बच्चों के स्कूल न आने के कारणों का पता लगाएगा। साथ ही उनकी अनुपस्थित के कारणों का भी पता लगाए। इसकी जिम्मेदारी ऐकडेमिक रिसोर्स पर्सन (एआरपी) स्टेट रिसोर्स ग्रुप (एसआरजी) एवं संकुल के शिक्षकों को सौंपी गई है। जिले में तीन एसआरजी, 61 एआरपी एवं 193 न्याय पंचायतों में सभी न्याय पंचायतों में पांच-पांच शिक्षक संकुल हैं। खंड शिक्षाधिकारी की ओर से इनको दो-दो विद्यालय आवंटित किए गए हैं। ये बच्चों के विद्यालयों से अनुपस्थित होने के कारणों के साथ ही पंजीकृत निर्माण श्रमिकों के अध्ययनरत बच्चों को चिह्नित कर उन्हें छात्रवृत्ति योजना का लाभ दिलाने के लिए प्रेरित कर आवेदन कराएंगे।