पुलिस पूरे दिन नाव से गश्त करने के साथ ध्वनि विस्तारक यंत्र से लोगों को गंगा में शवों का जल प्रवाह न करने के प्रति जागरूक करती रही। वहीं, एसडीएम के नेतृत्व में प्रशासनिक टीम घाटों का जायजा लेने के साथ पुलिस कर्मियों को निर्देश देने में जुटी रही।
बता दें कि बक्सर के जिलाधिकारी अमन समीर ने यूपी बिहार सीमा स्थित चौसा के पास रानी घाट पर गंगा में इस पार से उस पार तक महाजाल डालकर शव को आने से रोकने के लिए पुख्ता इंतजाम भी करा दिया है। बक्सर प्रशासन के इस कदम से बलिया प्रशासन को भी काफी राहत मिलेगी। बक्सर प्रशासन की इस कवायद से अब गाजीपुर से आने वाले शव बलिया सीमा में प्रवेश नहीं करेंगे। दूसरी ओर शव के जल प्रवाह पर रोक लगा दी गई है।
बक्सर में पिछले चौबीस घंटे के दौरान पांच शव गंगा में बहते देखे गए। इन सभी को चौसा प्रखंड में तैनात अधिकारियों की देखरेख में बुधवार की सुबह दफनाया गया। जिलाधिकारी अमन समीर ने बुधवार को चार गश्ती दल बनाए हैं जो बक्सर के अहिरौली घाट से लेकर चौसा के रानी घाट तक नाव के सहारे गश्त करेंगे। अगर कहीं इस तरह के शव गंगा में बहते नजर आए तो उन्हें समय रहते दफनाया जा सके।
उधर, नरहीं थाना क्षेत्र के कोरंटाडीह चौकी प्रभारी धर्मेंद्र सिंह ने भी नाव से कोटवा नारायणपुर, भरौली, गोविंदपुर गंगा घाटों का निरीक्षण किया। उन्होंने बताया कि अभी भी एक दो शव कहीं से बह कर आ गए हैं। इधर के घाटों पर पुलिस की निगरानी बढ़ा दी गई है तथा शव के जल प्रवाह पर रोक लगा दी गई है। अब सभी को शव जलाने पड़ेंगे।