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गाजीपुर में गंगा घाटों पर आज नहीं दिखे एक भी शव, बक्सर में पांच शवों को दफनाया गया

Wed, 12 May 2021 08:15 PM IST
उत्पल कांत अमर उजाला नेटवर्क, गाजीपुर/बलिया

सार

गंगा में शव प्रवाह का मामला सामने आने के बाद प्रशासन ने चौकसी बरतनी शुरू कर दी है। गाजीपुर जिले के गहमर एवं करंडा थाना क्षेत्र के विभिन्न गंगा घाटों के किनारे दो दिनों तक मिले शव अब नहीं दिखाई पड़ रहे हैं। हालांकि बक्सर में पिछले चौबीस घंटे के दौरान पांच शव गंगा में बहते देखे गए। 
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चौसा के महादेवा घाट पर चौबीस घंटे अधिकारियों की तैनाती कर दी गई है। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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गाजीपुर जिले के गहमर एवं करंडा थाना क्षेत्र के विभिन्न गंगा घाटों के किनारे दो दिनों तक मिले शव अब नहीं दिखाई पड़ रहे हैं। जबकि करंडा के धरम्मरपुर गंगा घाट किनारे मिले 123 शवों को मंगलवार की देर रात तक दफना दिया गया है। जमानिया के बरुइन नई बस्ती, तलाशपुर मोड़, देवड़ी एवं करमहरी गांव के पास बैरियर लगाकर मार्ग सील कर दिया गया। बिहार से आने वाले शवों पर रोक लगा दी गई है। पुलिस नाव से गंगा घाटों पर गश्त करती रही।

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 जलप्रवाह के कारण 10 मई को गहमर थाना क्षेत्र के तीन गंगा घाटों पर कई शव मिले थे, जिन्हें स्थानीय प्रशासनिक टीम ने गंगा किनारे गड्ढा खोदकर दफना दिया था। 11 मई को करंडा के धरम्मरपुर गंगा घाट पर मिले अनगिनत शवों की जानकारी के बाद प्रशासनिक अमले में खलबली मच गई थी। देर रात जेसीबी और पोकलेन की मदद से 123 शवों को दफनाया गया।

इधर, बिहार प्रांत से सटे जिले के बार्डर पर स्थापित पुलिस पिकेट को सतर्क कर दिया गया है। जमानिया कोतवाली के बरुइन नई बस्ती, तलाशपुर मोड़, देवड़ी एवं करमहरी के पास बैरियर लगाकर बिहार से आने वाले शवों को प्रतिबंधित कर दिया गया। जिला प्रशासन के निर्देश पर इन घाटों पर पुलिस की तैनाती कर दी गई है।

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पुलिस पूरे दिन नाव से गश्त करने के साथ ध्वनि विस्तारक यंत्र से लोगों को गंगा में शवों का जल प्रवाह न करने के प्रति जागरूक करती रही। वहीं, एसडीएम के नेतृत्व में प्रशासनिक टीम घाटों का जायजा लेने के साथ पुलिस कर्मियों को निर्देश देने में जुटी रही। 

बता दें कि बक्सर के जिलाधिकारी अमन समीर ने यूपी बिहार सीमा स्थित चौसा के पास रानी घाट पर गंगा में इस पार से उस पार तक महाजाल डालकर शव को आने से रोकने के लिए पुख्ता इंतजाम भी करा दिया है। बक्सर प्रशासन के इस कदम से बलिया प्रशासन को भी काफी राहत मिलेगी। बक्सर प्रशासन की इस कवायद से अब गाजीपुर से आने वाले शव बलिया सीमा में प्रवेश नहीं करेंगे। दूसरी ओर शव के जल प्रवाह पर रोक लगा दी गई है। 
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बक्सर में लगे महाजाल में फंसे पांच शव

बक्सर में पिछले चौबीस घंटे के दौरान पांच शव गंगा में बहते देखे गए। इन सभी को चौसा प्रखंड में तैनात अधिकारियों की देखरेख में बुधवार की सुबह दफनाया गया। जिलाधिकारी अमन समीर ने बुधवार को चार गश्ती दल बनाए हैं जो बक्सर के अहिरौली घाट से लेकर चौसा के रानी घाट तक नाव के सहारे गश्त करेंगे। अगर कहीं इस तरह के शव गंगा में बहते नजर आए तो उन्हें समय रहते दफनाया जा सके। 
 
उधर, नरहीं थाना क्षेत्र के कोरंटाडीह चौकी प्रभारी धर्मेंद्र सिंह ने भी नाव से कोटवा नारायणपुर, भरौली, गोविंदपुर गंगा घाटों का निरीक्षण किया। उन्होंने बताया कि अभी भी एक दो शव कहीं से बह कर आ गए हैं। इधर के घाटों पर पुलिस की निगरानी बढ़ा दी गई है तथा शव के जल प्रवाह पर रोक लगा दी गई है। अब सभी को शव जलाने पड़ेंगे। 
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