कोरोना से हो रही मौतों से इन दिनों उन्नाव में बीघापुर तहसील के बक्सर घाट पर अंतिम संस्कार के लिए रेला लगा है। संक्रमण के डर से पंडा, दाह संस्कार कराने से बच रहे हैं। अधिकांश शवों को रेत में दबाया जा रहा है। घाट पर जगह कम पड़ी तो नदी के बीच रेत के टीले पर अंतिम संस्कार किया जा रहा है। इससे क्षेत्र में कोरोना संक्रमण का खतरा बढ़ गया है। आसपास बस्ती और गांवों में रहने वाले लोग डरे हुए हैं। बीघापुर तहसील के बक्सर घाट पर उन्नाव जिले के अलावा पड़ोसी जिला रायबरेली और फतेहपुर जिले से भी लोग शवों का अंतिम संस्कार करने इसी घाट पर पहुंचते हैं। इस समय प्रतिदिन 90 से 120 शवों का अंतिम संस्कार किया जा रहा है। एक दूसरे पर दफनाए गए शवों को कुत्ते खींचकर इधर उधर फैला रहे हैं। इससे संक्रमण का खतरा बढ़ गया है।
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गाजीपुर की तरह बलिया में भी गंगा किनारे मिले शव
बिहार के बक्सर जैसा मामला उत्तर प्रदेश के बलिया और गाजीपुर में भी देखने को मिला है। बलिया में कोरोना संक्रमण के बीच गंगा किनारे विभिन्न स्थानों पर कई शवों को देख हड़कंप मच गया। संक्रमण फैलने की आशंका भी जताते रहे। बताया जाता है कि गंगा किनारे कोटवा नारायणपुर से लेकर मांझी घाट तक कमोबेश यही स्थिति है। मामला सामने आने के बाद जिला प्रशासन ने भरौली व उजियार घाट पर कुल 17 शवों को दफनाया।
इसके अलावा जयप्रकाश नगर क्षेत्र के मांझी घाट के पास भी मंगलवार को दो शवों को देखा गया। अमर उजाला में खबर प्रकाशित होने के बाद मंगलवार को प्रशासन पूरी तरह हरकत में आया। मामले में बलिया डीएम अदिति सिंह ने कहा कि थाना नरही क्षेत्र अंतर्गत बलिया-बक्सर पुल के नीचे गंगा नदी के तट पर सोमवार की शाम को कुछ दिन पुराने क्षत-विक्षत अज्ञात शव मिलने की सूचना मिली।
शवों की संख्या अधिक होने पर गड्ढा खोदने के लिए जेसीबी एवं पोकलेन की मदद लेनी पड़ी
- फोटो : अमर उजाला
बक्सर के चौसा के समीप गंगा में मिले 71 शवों को गंगा किनारे गड्ढा खोद कर दफना दिया गया। शव सड़ गए थे, इसलिए उनका पोस्टमार्टम नहीं हो सका। लेकिन, उनके स्वैब का नमूना लिया गया। जिससे कोविड टेस्ट व आवश्यकता पड़ने पर डीएनए की जांच हो सके। यह कार्रवाई सोमवार देर रात तक चली। इस दौरान डीएम अमन समीर व एसपी नीरज कुमार सिंह मौजूद रहे। वहां से लौटे अधिकारियों ने बताया हमारी टीम ने चौसा के पास गंगा में निगरानी बढ़ा दी है। वहीं जिला प्रशासन ने कुछ तस्वीरें और एक वीडियो जारी कर दावा किया है शव यूपी की तरफ से हमारी सीमा में आ रहे हैं। इसकी रोकथाम के लिए चौसा रानी घाट के पास मंगलवार को महाजाल लगाया गया।
चौसा के अंचल अधिकारी नवलकांत एवं मुफस्सिल पुलिस की देखरेख में यह कार्य संपन्न हुआ। हालांकि इतना सब कुछ होने के बावजूद भी चौसा बाजार घाट व हादिपुर गांव के समीप तीन-चार शव देखे गए हैं। वहीं डीएम अमन समीर ने कहा चौसा में अधिकारियों की तैनाती कर दी गई है। वहां फिलहाल किसी को शव प्रवाहित करने की अनुमति नहीं होगी।