अब नोडल अधिकारी जिले के परिषदीय विद्यालयों की शिक्षा की गुणवत्ता, बच्चों की उपस्थिति समेत अन्य गतिविधियों पर नजर रखेंगे। साथ ही स्कूलों की जांच की रिपोर्ट शासन को भेजेंगे। शासन ने जिले का नोडल अधिकारी राज्य परियोजना कार्यालय के वरिष्ठ विशेषज्ञ आनंद पांडेय को नामित किया है।
नोडल अधिकारी ब्लॉकवार के साथ नगरीय तथा ग्रामीण क्षेत्रों के प्राथमिक और उच्च प्राथमिक स्कूलों का भी निरीक्षण कर रिपोर्ट तैयार करेंगे। वे बीआरसी और कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालयों का भी निरीक्षण करेंगे। इस दौरान स्कूलों में किचन गार्डन है या नहीं, शिक्षकों के पास शिक्षक डायरी है या नहीं, मिड-डे-मील मीनू के हिसाब से दिया जा रहा है या नहीं आदि बिंदुओं पर जांच करेंगे। इसके अलावा प्राथमिक विद्यालयों में शिक्षा के स्तर और छात्रों की संख्या तथा उनकी प्रतिदिन होने वाली उपस्थिति का भी ब्यौरा जुटाएंगे। इनकी रिपोर्ट निरीक्षण के बाद डिजिटल पर अपलोड कर दी जाएगी। नोडल अधिकारी तैनात होने की जानकारी होने पर शिक्षकों ने तैयारियां तेज कर दी हैं।
बीएसए हेमंत राव ने बताया कि परिषदीय विद्यालयों और कार्यालयों की जांच के लिए शासन ने आनंद पांडेय को जिले का नोडल अधिकारी नामित किया गया है। वे किसी भी स्कूल अथवा दफ्तर का औचक निरीक्षण कर सकते हैं।