किराए के भवन में खुलेंगे नए स्वास्थ्य उपकेंद्र
भूमि न मिलने से प्रतिमाह तीन हजार करना होगा भुगतान
संवाद न्यूज एजेंसी
गाजीपुर। जिले में स्थापित होने वाले नए स्वास्थ्य उपकेंद्र किराए के भवन में खुलेंगे। करीब पांच हजार आबादी पर चिकित्सकीय सुविधा प्रदान करने के उद्देश्य से स्थापित होने वाले इन केंद्रों के निर्माण के लिए ग्रामीण इलाकों में भूमि न मिलने के कारण इन्हें किराए के भवन में संचालित करने की तैयारी है। अपना भवन नसीब न होने की दशा में स्वास्थ्य विभाग किराए के रूप में प्रति सेंटर तीन हजार रुपये का भुगतान करेगा।
शहर सहित ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को बेहतर चिकित्सकीय सुविधा प्रदान करने के उद्देश्य से सरकारी अस्पतालों को सुदृढ़ किया जा रहा है। ब्लॉक पर स्थापित सामुदायिक एवं प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर जहां चिकित्सकीय उपकरण, जांच मशीन, दवा और बेड को लेकर कदम उठाए जा रहे हैं, वहीं न्यू प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में भी मरीजों तत्काल उपचार की सुविधा मिले, इसको लेकर महकमा जुटा हुआ है। एक माह पूर्व जिले में उन गांवों को चिह्नित किया गया, जिनकी आबादी पांच हजार है। 132 नए स्वास्थ्य उपकेंद्र स्थापित कराने का निर्देश शासन से जारी किया गया। विभाग के अधिकारियों ने ऐसे गांवों को चिह्नित करने के साथ भूमि उपलब्ध न होने की दशा में किराए पर ही उपकेंद्र खोलने के लिए भवनों को चिह्नित किया गया है, जिससे वहां के लोगों को चिकित्सकीय सुविधाएं शासन की मंशा के अनुरूप तत्काल उपलब्ध कराई जा सके।
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इनसेट
जिले में स्थापित होंगे नए 132 स्वास्थ्य उपकेंद्र
गाजीपुर। बाराचवर सीएचसी के अधीन नौ, भदौरा सात, बिरनो छह, देवकली 10, गोड़ऊर छह, जखनिया 11, करंडा पांच, कासिमाबाद 10, मनिहारी 10, मरदह 10, मिर्जापुर छह, मुहम्मदाबाद चार, रेवतीपुर आठ, सैदपुर आठ, सुभाखरपुर 11 और जमानिया पीएचसी के अधीन 11 उपकेंद्र स्थापित कराए जाने हैं। इसमें बाराचवर सीएचसी के अधीन स्थापित होने वाले नौ स्वास्थ्य केंद्रों के लिए तीन जगह भूमि चिह्नित हो पाई है, जबकि शेष जगहों में किराए के भवन में उपकेंद्र खोले जाएंगे।
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जिले में स्थापित होने वाले नए 132 स्वास्थ्य उपकेंद्रों को फिलहाल किराए के भवन में संचालित कराया जाएगा। ज्यादातर स्थानों पर भूमि न मिलने से दिक्कत आ रही है। तीन स्थानों को चिह्नित तो किया गया है, लेकिन उपकेंद्र अभी किराए के भवन में ही संचालित होंगे।
- डॉ. केके वर्मा, एसीएमओ