मौधा। ठोस अपशिष्ट प्रबंधन के सिलसिले में एक प्रेरणादायी और अनूठा कार्यक्रम सैदपुर नगर पंचायत ने शुरु किया है। पंचायत कूड़े की आमदनी से नगर पंचायत का विकास करेगी। इसके तहत पंचायत के लगभग 20 पंजीकृत सफाई मित्र विभिन्न वार्डों में घर-घर जैविक एवं अजैविक कचरा एकत्र कर रहे हैं। इन्हें जलकल परिसर में बने मैटीरियल रिकवरी फैसिलिटी सेंटर लाकर छंटाई, धुलाई करने के बाद सुखाया जाएगा। इसकी बिक्री से होने वाली आमदनी को नगर पंचायत के विकास के कार्यों में लगाया जाएगा। जलकर परिसर में पांच वर्ष पूर्व 1200 वर्ग फीट में मैटीरियल रिकवरी फैसिलिटी सेंटर बनाया गया था। यहां कूड़े में आए पेपर, प्लास्टिक, धातुओं, कपड़े, फूल-माला, ट्यूबलाइट, बल्ब, सीएफएल, खिलौनों की बैट्री, शीशा, टिन और लोहा जैसी चीजों के अलग-अलग हिस्से किए जाते हैं। इसके बाद इनकी धुलाई और इनको सुखाकर अलग-अलग स्थानों पर रखा जाता है। ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम 2016 के तहत सभी नागरिकों के लिए कचरा प्रबंधन अनिवार्य कर दिया गया है। इसमें कचरे को इधर-उधर फेंकने वालों पर कानूनी कार्रवाई का प्रावधान है। यह योजना अभी सैदपुर नगर पंचायत के सिर्फ 10 वार्डों में प्रारंभ की गई है। यहां तीन हजार लोगों के यहां दो डस्टबिन के हिसाब से कुल छह हजार डस्टबिन दिए गए हैं। इसमें हरे रंग के डस्टबिन में गीला कचरा जैसे खाने पीने का सामान, पत्तियां, फलों एवं सब्जियां के छिलके, मीट-मुर्गा के अवशेष को रखना होता है। वहीं नीले रंग के डस्टबिन में सूखा कचरा जैसे कागज, कपड़ा, लोहा, टिन एवं प्लास्टिक आदि का संग्रह करना होता है।
ईओ संतोष कुमार मिश्र ने बताया कि प्रतिदिन 28 कुंतल सूखा और 48 कुंतल गीला कूड़ा सेंटर में जमा हो रहा है। इनके निस्तारण में बीस कर्मचारी लगे हैं। इसके अलावा इलेक्ट्रॉनिक और इलेक्ट्रिकल उपकरणों से उत्पन्न होने वाले कचरे का भी प्रबंधन किया जा रहा है।