गाजीपुर। विद्युत निगम के राजस्व में बढ़ोतरी नहीं होने पर जिले में बिजली आपूर्ति व्यवस्था पीपीपी मॉडल पर हो सकती है। विद्युत वितरण खंड नगर के अधिशासी अभियंता आशीष कुमार ने बताया कि वित्त वर्ष 2023-24 में 42 प्रतिशत लॉसेस होने के कारण राजस्व वसूली बिजली आपूर्ति की तुलना में कम थी। इसी तरह चालू वित्त वर्ष 2024-25 में सितंबर तक कुल बकाये का 70 प्रतिशत वसूली नहीं हो पाई है। यदि यही स्थिति रही तो ओडिशा मॉडल के आधार पर जिले की बिजली आपूर्ति व्यवस्था पीपीपी मॉडल पर की जा सकती है।
बताया कि लखनऊ स्थित शक्ति भवन में आरडीएसएस योजना के कार्यों की समीक्षा बैठक में प्रदेश के विभिन्न वितरण निगमों की खराब वित्तीय हालत की समीक्षा की गई। अधिकारियों से सुझाव मांगे गए। अफसरों ने कहा कि राजस्व वसूली, लाइन हानियां कम करने तथा थ्रू-रेट आदि बढ़ाने के हर संभव प्रयास किए गए। बड़ी संख्या में अधिकारियों एवं कर्मचारियों पर कार्रवाई की गई। उन्हें निलंबित किया गया। विजिलेंस के जरिए छापेमारी की कार्रवाई हुई। डिस्कनेक्शन से लेकर एफआईआर तक की गई, लेकिन लेकिन फिर भी वित्तीय स्थिति में सुधार नहीं हो रहा है। अब कोई अहम निर्णय नहीं लिया गया तो स्थिति में सुधार की संभावना नहीं है। कई अधिकारियों ने सलाह दी कि ओड़िशा में टाटा पावर के मॉडल का अध्ययन किया जाए।