कृष्णानंद राय की हत्या के बाद पूर्वांचल थर्रा उठा था। बसें फूंकी गईं, सरकारी संपत्तियों को नुकसान पहुंचाया गया। भाजपा के कद्दावर नेताओं ने मुलायम सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया था। हाईकोर्ट के आदेश पर जांच सीबीआई को सौंपी गई थी। कृष्णानंद राय की पत्नी पूर्व विधायक अलका राय की याचिका पर केस दिल्ली स्थानांतरण किया गया, लेकिन सबूतों के अभाव में 3 जुलाई 2019 को दिल्ली की सीबीआई कोर्ट ने मुख्तार और अफजाल सहित सभी को बरी कर दिया था।
गैंगचार्ट में शामिल किया गया था कृष्णानंद राय और रुगंटा हत्याकांड
मुहम्मदाबाद और करंडा थाने में दर्ज मामलों को लेकर वर्ष 2007 में मुख्तार अंसारी व अफजाल अंसारी के खिलाफ गैंगस्टर की कार्रवाई की गई थी। गैंग चार्ट में भाजपा विधायक कृष्णानंद राय की हत्या, वाराणसी के कोयला कारोबारी व विहिप नेता नंद किशोर रुंगटा के अपहरण व हत्या का मामला शामिल किया गया। एमपी/एमएलए कोर्ट ने इस मामले में बीते 29 अप्रैल 2023 को मुख्तार को दस वर्ष और भाई बसपा सांसद अफजाल अंसारी को चार साल की सजा सुनाई थी। साथ ही अर्थदंड भी लगाया था।