मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव
- फोटो : अमर उजाला
उन्होंने कहा कि गाजीपुर में फैक्ट्री नहीं है, इसका कारण पूछा तो लोगों ने बताया कि फैक्ट्री तो है, लेकिन यहां पर हथियार और आतंक का काम होता है। ऐसे लोग जनपद की पहचान को धूमिल करते हैं। इन्हें दूर करें। गाजीपुर में टिफिन बम, साइकिल बम फूटा करता था। आज गुंडागर्दी करने वाले बम फोड़ने वाले आतंक के पर्याय ठिकाने लगाए जा चुके हैं। यह चुनाव मात्र पार्टी का नहीं है, बल्कि यह चुनाव देश के विकास का है। अगर बम और बारूद की राजनीति करने वाले चुनाव जीत कर जाएंगे तो जनपद को कहां ले जाएंगे।
इस अवसर पर गाजीपुर सुधार मंडल अध्यक्ष गोपाल राय के नेतृत्व में 8 मटकी दही भी मुख्यमंत्री मोहन सिंह यादव को भेंट किया गया। इसके अलावा चांदी का मुकुट, गदा और कृष्ण-राधा, कृष्ण और राम लला का नेताओं ने स्मृति चिन्ह भेंट किया।
मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव
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गाजीपुर मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव कथा वाचक भी भूमिका में नजर आ रहे थे। भाषण समाप्त करने के पहले बोले श्रीकृष्ण की जय, गोपाल की जय, राम लला की जय जैसे शब्द बोल रहे थे। उन्होंने कहा कि हमने भगवान के जीवन से सीख लेनी चाहिए। उन्होंने बांसुरी तब बजाई, जब तक गो माता का संग रहा। लेकिन, जैसे ही बीच में कंस आया वैसे ही कंस को मारने के लिए कृष्ण ने बांसुरी रखकर सुदर्शन उठा लिया था। देश में तब तक बांसुरी बजेगी जब तक गो माता का साथ होगा। हम सब कंस और कंस कीप्रवृत्ति के लोगों को खत्म कर देंगे। उन्होंने कहा कि भगवान राम ने कभी धर्म का मार्ग नहीं छोड़ा। सदैव मर्यादा का पाठ पढ़ाया। हमारे पूर्वजों ने कभी धर्म का रास्ता नहीं त्यागा। राम और कृष्ण एक हैं।