बारा। करीब डेढ़ माह तक बंद रहने के बाद कर्मनाशा पुल रविवार को दो पहिया वाहनों के आवागमन के लिए खोल दिया गया। लंबे समय बाद पुल पर यातायात शुरू होने से क्षेत्र के विभिन्न गांवों सहित बिहार के गांवों तक में खुशी की लहर दौड़ गई। जिस समय पुल बाइक सवारों के लिए खोला गया, वहां सेतु निगम या एनएचएआई का कोई कर्मचारी मौजूद नहीं था।
यूपी-बिहार को जोड़ने वाला कर्मनाशा पुल क्षतिग्रस्त हो गया था। गत वर्ष 22 नवंबर को जिला प्रशासन ने पुल से बड़े वाहनों के आवागमन पर रोक लगा दिया था। एनएचएआई के प्रस्ताव पर केंद्र सरकार ने पुल की मरम्मत के लिए 305.46 लाख रुपये का बजट स्वीकृत किया था। एनएचएआई ने मरम्मत कार्य की जिम्मेदारी बरेली की एक कंपनी को सौंपी थी। गत अगस्त माह में मरम्मत का कार्य शुरू हुआ तो सभी प्रकार के वाहनों के आवागमन पर रोक लगा दी गई थी। तभी से गहमर थाना क्षेत्र के ग्रामीणों का बिहार से संपर्क कट गया।
उन्हें देवल स्थित कर्मनाशा पुल से आने-जाने में करीब 40 किमी की अतिरिक्त दूरी तय करनी पड़ रही थी। मरम्मत का कार्य लगभग पूरा होने के बाद रविवार को भारी और हल्के वाहनों का यातायात शुरू नहीं होने के बावजूद पुल से दो पहिया वाहनों को निकलने की अनुमति मिलने से नौकरी पेशा और कामकाजी तबके के लोगों को काफी राहत मिल गई।
सुबह कार्यदायी संस्था के मजदूरों ने पुल से वाहनों का यातायात रोकने के लिए बनी दीवार को तोड़कर बाइक निकलने के रास्ता बनाया। कार्यदायी संस्था के इंजीनियर रेहान ने बताया कि पुल से दोपहिया वाहनों का आवागमन शुरू हो गया है। पांच फीसदी काम शेष रह गया है। पूरा होते ही सभी प्रकार के वाहनों के आवागमन के लिए पुल को खोल दिया जाएगा।