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गर्मी छुट्टियों के बाद खाने पर नजर रखेगी ‘मां’

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परिषदीय विद्यालयों में बच्चों के लिए बनने वाली मिड- डे मील पर अब मां की नजर रहेगी, जो प्रतिदिन खाने की गुणवत्ता परखेगी। शासन की इस व्यवस्था से बच्चों को जहां गुणवत्तापूर्ण भोजन मिलेगा। वहीं मिड - डे मील में होने वाली हेराफेरी पर भी लगाम लगाई जा सकेगी। सरकार ने इसे ‘मां अभियान’ का नाम दिया है।
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जिले में 2269 परिषदीय विद्यालय संचालित हैं। इसमें 1468 प्राथमिक, 352 उच्च प्राथमिक तथा 449 कंपोजिट विद्यालय शामिल हैं। अभियान के तहत प्रत्येक विद्यालय में छह सदस्यी महिला समूह का गठन किया जाएगा। यह समूह भोजन की नियमित निगरानी करेगा। परिषदीय विद्यालयों में बच्चों को भोजन देने के लिए शासन की ओर से बकायदे मीनू तैयार किया गया है। शासन भोजन की गुणवत्ता को लेकर गंभीर है, लेकिन स्कूलों में मिड डे मील में मीनू को दरकिनार कर मनमानी की शिकायतें प्राय: आती रहती हैं। इससे विभाग की होने वाली किरकिरी को देखते हुए शासन के निर्देश पर विभाग ने मिड डे मील की निगरानी के लिए छह महिलाओं का समूह गठित करने का फैसला लिया है। समूह की एक महिला प्रतिदिन विद्यालय जाकर मिड डे मील को चखेगी। इसके लिए बकायदा रोस्टर बनाया जाएगा। भोजन पकाने, परोसने की विधि को देखकर उसकी रिपोर्ट संबंधित बीईओ को प्रेषित की जाएगी। अधिकारियों की माने तो गर्मी की छुट्टियों के बाद स्कूलों में इसे लागू करने के निर्देश दिया गया है। छात्रों को मानक के अनुसार भोजन, रसोई और बर्तनों की साफ सफाई, दूध व फल वितरित करने का समय, निर्धारित मीनू के अनुसार भोजन का निर्माण और रसोइयों का मानदेय समय से दिया जा रहा है या नहीं, इस पर भी महिलाओं का समूह नजर रखेगा।
इन बिंदुओं पर रहेगी नजर
मां अभियान अभियान की महिला सदस्य पके भोजन की गुणवत्ता परखेंगी। साथ में यह भी तय करेंगी कि छात्रों को मानक के अनुसार भोजन की मात्रा दिया जा रहा है कि नहीं। इसके अलावा रसोई की साफ-सफाई के अलावा दूध और फलों के वितरण का सही समय, मीनू के मुताबिक भोजन निर्माण, रसोइयों के मानदेय का भुगतान और भोजन सामग्री की समय से उपलब्धता पर भी उनकी खास नजर रहेगी।
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योजना होगी कारगर, निर्देश का होगा पालन
मौधा। सरकार द्वारा मां का अभियान नामक समूह का गठन किए जाने की खबर से क्षेत्र के अभिभावकों में खुशी व्याप्त है। उनका कहना है कि इस तरह एमडीएम की गुणवत्ता बरकरार रहेगी। मीनू में किसी तरह की हेराफेरी नहीं हो पाएगी। इसके अलावा उनके बच्चों को पौष्टिक आहार खाने को मिलेगा। वहीं सैदपुर बीआरसी के एआरपी अरुण कुमार पाण्डेय ने बताया कि सैदपुर खंड शिक्षा क्षेत्र के कुल 179 परिषदीय विद्यालयों में मध्यान्ह भोजन योजना का संचालन बेहतर तरीके से कराया जाता है। शासन के निर्देशानुसार छह सदस्य महिला समूह का गठन स्वागत योग्य है। सरकार के इस तरह के प्रयास से पूरे सिस्टम में पारदर्शिता नजर आएगी।
परिषदीय विद्यालयों में मिड डे मील की योजना को लेकर हम पूरी तरह गंभीर हैं। प्रत्येक विद्यालय में छह सदस्यी महिला समूह का गठन कर दिया गया है। गर्मी की छुट्टियों के बाद हर स्कूल में इसे कड़ाई से लागू किया जाएगा। इससे संबंधित पत्र सभी बीईओ को जारी कर दिया गया है।
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- हेमंत राव, जिला बेसिक शिक्षाधिकारी
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