बृजेश सिंह की ओर से स्पेशल कोर्ट में अर्जी देखकर याचना की गई कि विधान परिषद सत्र में उन्हें भाग लेने की अनुमति दी जाए। प्रार्थना पत्र के साथ उन्होंने विधान परिषद के आवाहन पत्र को भी संलग्न किया था।
अभियोजन पक्ष ने प्रार्थना पत्र का विरोध करते हुए कहा कि बंदी बृजेश सिंह के जीवन को खतरा हो सकता है और वह पुलिस अभिरक्षा से भाग भी सकते हैं। स्पेशल कोर्ट ने कहा कि विधि व्यवस्था के आलोक में विधान परिषद में भाग लेने की अनुमति नहीं दी जा सकती और बृजेश सिंह की अर्जी को खारिज कर दिया।