उन्होंने कहा कि 2024 से पहले सभी विपक्षी दल मिल गए तो केंद्र की सत्ता को केवल उत्तर प्रदेश ही रोक देगा। कहा कि उत्तर प्रदेश की जनता अधिकारियों के उत्पीड़न से त्राहि-त्राहि कर रही है। जनता को न्याय की जगह पर प्रताड़ित किया जा रहा है, उनसे धन उगाही हो रही है। इसके बाद भी सरकार के मुखिया अपनी पीठ थपथपाते नहीं थक रहे हैं। आज विपक्ष को एकजुट होकर सरकार के दावों की पोल खोलनी चाहिए। जितनी महंगाई बढ़ी है उतना ही उत्तर प्रदेश में भ्रष्टाचार बढ़ा है। महंगाई और भ्रष्टाचार से जनता परेशान है।
सुभासपा अध्यक्ष ने पटना में आयोजित 17 विपक्षी दलों की बैठक को उचित ठहराया। कहा कि इस बैठक से भाजपा का शीर्ष नेतृत्व पूरी तरह से हिल गया है। यही कारण है कि यूनिफॉर्म सिविल कोड की बात की जाने लगी है। उन्होंने कहा कि आज देश को यूनिफॉर्म सिविल कोड की जरूरत नहीं है। आज जरूरत है सबको सामान शिक्षा और सबको सामान स्वास्थ्य की।
अगर सबको सामान शिक्षा और स्वास्थ्य सुविधाएं मिल जाएं तो निश्चित रूप से भारत विकसित देशों की श्रेणी में आ जाएगा। इस दौरान सुभासपा जिलाध्यक्ष लल्लन राजभर, सालिक यादव, विधायक प्रतिनिधि सिंहासन राम आदि मौजूद रहे।