यूपी राज्य महिला आयोग की सदस्य ने जनसुनवाई के दौरान कहा कि अधिकारी मौके पर जाकर मामलों का निस्तारण करें। कहा अगर समस्या आए तो प्रशासन का सहयोग लें और कार्रवाई करें। महिलाओं की सुरक्षा पर कहा कि इनके लिए न्याय का मुद्दा संवेदनशील है और इस प्राथमिकता दें।
उत्तर प्रदेश राज्य महिला आयोग की सदस्य गीता बिंद ने बुधवार को लोक निर्माण विभाग के गेस्ट हाउस में जनसुनवाई की। इस दौरान आठ प्रार्थना-पत्र प्राप्त हुए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि मौके पर जाकर सुलह-समझौते के आधार पर मामलों का निस्तारण कराए। निस्तारण में समस्या आने पर प्रशासन का सहयोग लेकर कड़ी कार्रवाई की जाए। इसमें किसी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
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उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार की मंशा के अनुसार महिला आयोग महिलाओं की सुरक्षा व उनको न्याय दिलाने को लेकर पूरी तरह से संवेदनशील है। विकास के विभिन्न क्षेत्राें में महिलाओं-बालिकाओं की भागीदारी मुख्यमंत्री की प्राथमिकताओं में शामिल है। सुनवाई के दौरान महिलाओं की समस्याओं को लेकर उचित कार्रवाई व समाधान करना उनकी व्यक्तिगत जिम्मेदारी है। इसी क्रम में उन्होंने जिला महिला चिकित्सालय और प्रसादपुर स्थित आंगनबाड़ी केंद्र का निरीक्षण किया।
जिला महिला चिकित्सालय में कन्या जन्मोत्सव मनाया गया। नवजात बच्चियों को बेबी किट, कपड़ा व मिठाई का वितरण किया गया। आंगनबाड़ी केंद्र में सफाई का निर्देश दिया। जिला कारागार में महिला बंदियों से मिलकर उनका हाल जाना। इस मौके पर एसपी सिटी ज्ञानेंद्रनाथ प्रसाद, डिप्टी कलेक्टर ज्योति चौरसिया, जिला प्रोबेशन अधिकारी संजय कुमार सोनी, जिला समाज कल्याण अधिकारी रामनगीना यादव, अपर मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. एमके सिंह आदि मौजूद रहे।