बारा। बिहार की सीमा पर गंगा नदी पर बने बारा पीपा पुल से चार दिन में बड़े वाहनों का परिचालन शुरू हो जाएगा। फिलहाल दो पहिया वाहनों का आवागमन हो रहा है। बड़े वाहनों के लिए काफी तेजी से काम पूरा किया जा रहा है। पीपा पुल के बनने से एनएच 124-सी से पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे एवं मुहम्मदाबाद की दूरी काफी कम हो गई है।
बारा गंगा घाट पर तीसरी बार पीपा पुल का निर्माण किया गया है। जनवरी 2022 में पहली बार पीपा पुल बनकर तैयार हुआ था। इसके बाद इस वर्ष रविवार को पुल में अंतिम पीपा लगाकर सोमवार को आवागमन शुरू किया गया। हालांकि, अभी दो पहिया वाहनों का ही परिचालन हो रहा है। चार पहिया एवं ट्रैक्टर के परिचालन के लिए अभी चार दिन और इंतजार करना पड़ेगा। देखरेख करने वाले मेठ जामवंत सिंह यादव का कहना है कि पीपा पुल के दूसरी तरफ दलदल होने के कारण सड़क अधूरी है। इस पर काम चल रहा है। उम्मीद है कि शनिवार तक काम पूरा कर लिया जाएगा। इसके बाद चार पहिया एवं ट्रैक्टर का परिचालन शुरू हो जाएगा। इस पीपा पुल से करीब सात महीने तक सेवराई तहसील क्षेत्र के लोगों को मुहम्मदाबाद एवं बलिया जाने में आसानी होगी। उनकी दूरी कम हो जाएगी। बाढ़ के समय में पुल को खोल दिया जाता है।